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सपा ने पूछा, खाली 'पानी की रेल' बुंदेलखंड क्यों भेजी?

 Written By: IANS
 Published : May 06, 2016 06:28 pm IST,  Updated : May 06, 2016 06:34 pm IST

राज्यसभा के उपसभापति पी.जे.कुरियन की आपत्ति के बावजूद समाजवादी पार्टी(सपा) ने शुक्रवार को सूखा प्रभावित बुदेलखंड जिले में खाली पानी की रेलगाड़ी भेजने का मुद्दा उच्च सदन में उठाया।

P.J KURIEN- India TV Hindi
P.J KURIEN

ई दिल्ली:  राज्यसभा के उपसभापति पी.जे.कुरियन की आपत्ति के बावजूद समाजवादी पार्टी(सपा) ने शुक्रवार को सूखा प्रभावित बुदेलखंड जिले में खाली पानी की रेलगाड़ी भेजने का मुद्दा उच्च सदन में उठाया।

कुरियन ने जोर देकर कहा कि पानी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उच्च सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सपा के सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा, "रेलगाड़ी जो बुंदेलखंड पहुंची वह खाली थी। रेलगाड़ी में पानी नहीं था।

केंद्र सरकार तब सहायता कर सकती है, जब राज्य सरकारें सहायता की इच्छा जाहिर करती हैं। हम लोगों ने बुंदेलखंड में बांध बनाने के लिए धन की मांग की थी।"उन्होंने संबद्ध केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग की।

इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार सभी तरह की सहायता करने को तैयार है और इस मुद्दे के राजनीतिकरण की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "अगर देश में कहीं सूखा पड़ा है तो इसके प्रति हम सभी लोगों को संवेदनशील होना चाहिए।

बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज है, जिसका समुचित इस्तेमाल होना चाहिए। केंद्र सरकार अतिरिक्त सहायता करने को तैयार है।"कुरियन ने कहा कि पानी पर किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए।

उपसभापति ने कहा, "पानी और सूखे के नाम पर किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए। मैं निवेदन करना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर बातचीत हो सकती है और इसे सुलझाया जा सकता है।"अपने स्पष्टीकरण में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि आगरा में रेलगाड़ी में पानी भरा जाना था।

प्रभु ने कहा, "सामान्यत: हमलोग रेल टैंकर उसी राज्य में भरते हैं, जहां पानी की आपूर्ति करनी होती है। आगरा में रेलगाड़ी में पानी भरना था।"उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी बातचीत हुई थी।

नरेश अग्रवाल ने हालांकि जोर देकर कहा कि राज्य ने केंद्र से जल ट्रेन की नहीं, बल्कि तालाब खुदवाने और बांधों के निर्माण के लिए धन की मांग की थी और जलापूर्ति के लिए टैंकरों की भी मांग की थी।

उधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा कि बुंदेलखंड के लोगों की सहायता के लिए राज्य और केंद्र सरकार को आपस में समन्वय स्थापित करना चाहिए। मायावती ने कहा, "उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिले सूखे से जूझ रहे हैं।

इस स्थिति में केंद्र और राज्य को दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर पानी की समस्या को दूर करने के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।"बसपा नेता ने कहा, "राज्य सरकार इस बात पर कायम है कि ट्रेन खाली थी। हमलोग कहना चाहते हैं कि जो भी पानी ट्रेन में था उसे सरकार को इस्तेमाल करना चाहिए था।"

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