नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पास फूलपुर के रहने वाले एक चायवाले ने पीएम को ऐसा लेटर लिखा है जिससे पूरे पीएमओ में खलबली मच गई। दरअसल, राजेंद्र यादव भूमि अधिग्रहण के बदले दूसरी जमीन का पट्टा करा देने के आश्वासन से नाराज हैं और क्षेत्रीय लेखपाल और पूर्व प्रधान की हत्या की इजाज़त मांगी है। उसने धमकी दी है कि उसकी मांग को जल्दी पूरा नहीं किया गया तो वह दोनों की हत्या करके आत्महत्या कर लेगा।
राजेंद्र का आरोप है कि प्रधान और लेखपाल की मिलीभगत से उसे बंजर ज़मीन का पट्टा दे दिया गया है।वो पिछले 15 सालों से गुहार लगा रहा है, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी. इसी के चलते उसने धमकी दी है कि अगर उनकी नहीं सुनी गई तो वो प्रधान और लेखपाल की हत्या कर खुद भी आत्महत्या कर लेगा।
राजेंद्र फिलहाल करखियांव एग्रो पार्क के पास वह झुग्गी लगाकर चाय बेचता है। साल 2001 में उसकी ज़मीन और घर इसी प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित कर ली गई थी। जब ज़मीन अधिग्रहित की गई तब उसे दुकान लगाने के लिए एक ज़मीन का पट्टा दिया गया था जिसे उसके नाम पर ही किए जाने का आश्वासन दिया गया था। ये ज़मीन अभी तक उसके नाम नहीं की गई है और उसे मजबूरी में ये कदम उठाना पड़ा है।
पीएम को लेटर लिखने का मामला सामने आने के बाद फूलपुर एसओ राजीव सिंह मंगलवार को राजेंद्र को साथ लेकर एसडीएम (पिंडरा) सुशील कुमार गौड़ के ऑफिस पहुंचे। एसडीएम ने उनकी बात सुनी और न्याय दिलाने का आश्वासन दिलाया।
एसडीएम ने कहा कि जांच कराकर जमीन के पट्टे के लिए प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। एसडीएम कार्यालय से बाहर निकले राजेंद्र ने बोला, लगता है मोदी ने उसकी सुन ली और पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ है।