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Proning: शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घटने लगे तो करें यह उपाय, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 22, 2021 02:34 pm IST,  Updated : Apr 22, 2021 02:58 pm IST

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार Proning की जरूरत उस समय पड़ती है जब रोगी को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 94 के नीचे चला जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि समय रहते Proning क्रिया के जरिए कई जीवन बचाए जा सकते हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार Porning के जरिए शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाया जा सकता है Image Source : HEALTH MINISTRY

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से देश में हेल्थ इमरजेंसी के हालात हो गए हैं और मरीजों के लिए ऑक्सीजन के लिए पूरे देश में त्राहीमाम हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ उपाय सुझाए हैं जिनके जरिए घर पर ही शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को ठीक किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि Proning (बिस्तर पर पेट के बल लेटना) के जरिए शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि मेडिकली Proning को शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने वाली क्रिया के तौर पर मान्यता है और होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना रोगियों के लिए बहुत लाभदायक है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार Proning की जरूरत उस समय पड़ती है जब रोगी को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 94 के नीचे चला जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि समय रहते Proning क्रिया के जरिए कई जीवन बचाए जा सकते हैं। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार Proning के लिए रोगी को पेट के बल लेटना है और एक सिरहाना मुंह या गर्दन के नीचे, एक या दो सिरहाने छाती और पेट के नीचे तथा 2 सिरहाने टांगों के नीचे रखने हैं। इस क्रिया के लिए 4-5 सिरहानों की जरूरत पड़ेगी और साथ में क्रिया के दौरान रोगी को लगातार सांस लेते रहना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह चेतावनी भी दी है कि 30 मिनट से ज्यादा Proning की क्रिया को नहीं करना है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने Proning को लेकर कुछ और चेतावनी भी जारी की है जिसके अनुसार भोजन करने के बाद एक घंटे तक इस क्रिया को नहीं करना है, किया को तभी करना है जब यह करना आसान लगे। इसके अलावा गर्भावस्था होने की स्थिति या हृदयघात की स्थिति में इस क्रिया को नहीं करना है। 

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