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इमर्जेंसी के दिनों में जब जॉर्ज फर्नांडिस को खुशवंत बनना पड़ा

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 12, 2016 12:03 pm IST,  Updated : Jun 12, 2016 12:05 pm IST

नई दिल्ली: इमर्जेंसी के दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए जॉर्ज फर्नांडिस को पगड़ी पहन और दाढ़ी रख कर सिख का भेष धारण किया था जबकि गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में कैदियों को गीता

george fernandes- India TV Hindi
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नई दिल्ली: इमर्जेंसी के दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए जॉर्ज फर्नांडिस को पगड़ी पहन और दाढ़ी रख कर सिख का भेष धारण किया था जबकि गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में कैदियों को गीता के श्लोक सुनाते थे।

फर्नांडिस के साथ जेल में रहे 76 साल के विजय नारायण ने पुरानी यादें ताजा करते हुए यहां बताया, ‘पुलिस हमें ढूंढ रही थी। हम न सिर्फ छिप रहे थे, बल्कि अपना काम भी कर रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए जार्ज ने पगड़ी और दाढ़ी के साथ एक सिख का भेष धारण किया था। उन्होंने बाल बढ़ा लिए थे। वह मशहूर लेखक के नाम पर खुद को खुशवंत सिंह कहा करते थे।’

फर्नांडिस के साथ नारायण और अन्य लोगों को 10 जून, 1976 को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया था। कुख्यात बड़ौदा डायनामाइट मामले में उन पर मुकदमा चलाया गया था। इसमें उनपर सरकार का तख्तापलट करने के लिए सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का भी मुकदमा चलाया गया था।

वर्तमान में 86 वर्षीय फर्नांडिस अल्झाइमर बीमारी से पीडि़त हैं और दिल्ली में अपनी पत्नी लैला कबीर के साथ रह रहे हैं। 1974 की रेल हड़ताल के बाद वह कद्दावर नेता के तौर पर उभरे और उन्होंने बेबाकी के साथ इमर्जेंसी लगाए जाने का विरोध किया था। फर्नांडिस, नारायण और उनके अन्य साथियों को कोलकाता में सेंट पाल्स चर्च से गिरफ्तार किया गया था।

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