ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल का नाम 4 दिसंबर को एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मिशेल वास्तव में एक बिचौलिया है जिसकी मिशेल 3600 करोड़ रूपए के अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदा मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को लंबे समय से तलाश थी। बुधवार रात इस वॉन्टेड बिचौलिए को दुबई से भारत लाया गया। पिछले महीने यूएई की अदालत ने मिशेल के प्रर्त्यपण के लिए अनुमति प्रदान कर दी थी। बता दें इस सौदे से जुड़ा यह तीसरा बिचौलिया है जिससे भारत की एजेंसियां पूछताछ करेंगी।
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भारत ने मिशेल के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक रूप से 2017 में अनुरोध किया था। यह अनुरोध सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की गई आपराधिक जांच पर आधारित था। ईडी ने मिशेल के खिलाफ जून, 2016 में दाखिल अपने आरोप पत्र में कहा था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड से 225 करोड़ रुपये मिले थे। आरोपपत्र के अनुसार वह राशि और कुछ नहीं बल्कि कंपनी की ओर से दी गयी ‘‘रिश्वत’’ थी।
कौन है क्रिश्चियन माइकल
क्रिश्चियन माइकल जेम्स वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले का मुख्य आरोपी है। क्रिश्चियन माइकल एक प्रसिद्ध ब्रिटिश कंसल्टेंट है, जिसे अगस्तावेस्टलैंड ने 36000 करोड़ की डील के लिए भारतीय एयरफोर्स के उच्च अधिकारियों और यूपीए सरकार के प्रभावित करने के काम पर रखा था।
क्या क्रिश्चियन माइकल एक मात्र बिचौलिया है
माइकल तीन मुख्य अभियुक्तों में से एक है। अन्य बिचौलिए गुएडो हैस्चेक और कार्लो गेरोसा से ईडी और सीबीआई पहले ही बातचीत कर चुकी है।
माइकल की गिरफ्तारी कब हुई
सीबीआई के अनुसार माइकल को फरवरी 2017 में यूएई की सरकार ने पकड़ा था। जिसके बाद जांच एजेंसी ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी।