नई दिल्ली: एक स्पेशल कोर्ट ने कहा है कि पत्नी सिर्फ अपने पति से गुजारा भत्ते की मांग की हकदार हैं और वह इसे अपने सास-ससुर से पाने की हकदार नहीं हैं। स्पेशल जज अनिल कुमार ने घरेलू हिंसा के एक मामले में यह बात कही, जिसमें एक शादीशुदा महिला को उसके ससुराल वालों ने घर में घुसने से रोक दिया था। उन्होंने कहा कि यह संपत्ति उनकी सास की है जिन्होंने अपने बेटे से नाता तोड़ लिया है।
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कोर्ट ने महिला की सास द्वारा एक मैजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका स्वीकार कर ली। दरअसल, मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने महिला को अपने ससुराल वाले घर में प्रवेश करने की इजाजत दी थी। जज ने कहा कि उनके विचार से एक पत्नी को अपने उस सास-ससुर से आवास सहित गुजारे का दावा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, जो उनके पति से अलग हो गए हैं। कोर्ट ने कहा, ‘इन बातों के मद्देनजर शिकायतकर्ता (पत्नी) का प्रथम दृष्टया अपनी सास के घर में फिर से प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं है।’
गौरतलब है कि महिला ने निचली कोर्ट में एक शिकायत दर्ज की थी कि जनवरी 2011 में उनकी शादी के बाद वह अपने पति और ससुराल के अन्य लोगों के साथ दक्षिण पश्चिम दिल्ली स्थित उनके घर में रहने लगी। हालांकि, महिला ने दावा किया कि मार्च 2015 में एक झगड़े के बाद सास-ससुर ने अपने घर में उनके प्रवेश करने पर रोक लगा दी। इसके बाद इस सिलसिले में एक मामला दर्ज किया गया था।