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लो! रिश्वतखोरी के लिए WhatsApp ग्रुप ही बना लिया था, RTO के 2 अफसरों का काला चिट्ठा खुला

 Published : Nov 27, 2024 01:42 pm IST,  Updated : Nov 27, 2024 01:50 pm IST

ओडिशा के गंजम जिले में पुलिस ने 2 RTO अफसरों समेत कुल 5 लोगों को ट्रकों से अवैध रूप से पैसे वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने रिश्वतखोरी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ था।

RTO Officers Arrested, RTO Officers Odisha- India TV Hindi
व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर ट्रकों से वसूली होती थी। Image Source : PEXELS REPRESENTATIONAL

बेरहामपुर: ओडिशा के गंजम जिले में NH-16 पर चलने वाले ट्रकों से अवैध रूप से पैसे वसूलने के आरोप में पुलिस ने RTO के 2 अधिकारियों सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारीा देते हुए बताया कि गंजम के अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के. वेंकटेश, जूनियर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) रतिकांत नायक और 3 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बेरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवण विवेक एम. ने बताया कि गोलंथरा पुलिस को NH-16 पर गिरीशोला में कुछ नौजवान लोगों के एक ग्रुप द्वारा ट्रकों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने की सूचना मिली थी।

‘गाड़ी रोककर वसूली करते पकड़े गए 4 लोग’

एसपी ने बताया कि आरोपी ट्रक ड्राइवरों से वादा करते थे कि यह रुपये दिए जाने पर वह गंजम RTO दफ्तर के अधिकारियों द्वारा किसी भी जांच के बिना अपनी गाड़ियों को आसानी से वहां से आगे ले जा सकेंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलंथरा थाने से पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और देखा कि कम से कम 4 लोग एक गाड़ी को रोककर रुपये वसूल रहे हैं। पुलिस ने उनमें से 3 लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि एक शख्स मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान तीनों ने खुलासा किया कि वे RTO, गंजम के कुछ अधिकारियों की ओर से काम कर रहे थे और उन्होंने उनके नाम भी बताए। वे ट्रकों से रुपये वसूल रहे थे ताकि RTO के अफसर NH-16 पर उनके गाड़ियों की जांच न करें।

‘वसूली के व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य थे अधिकारी’

आरोपियों ने बताया कि बाद में वसूला गया पैसा कैश या ऑनलाइन लेनदेन के जरिए RTO के अधिकारियों को दे दिया जाता था।। एसपी ने बताया कि अवैध तरीके से पैसे वसूलने के इस अभियान के लिए आरोपी अफसरों ने अपने ‘एजेंट’ को व्हाट्सएप ‘ग्रुप’ में जोड़ रखा था और अधिकारी खुद भी उसके सदस्य थे। पैसे देने वाले ट्रकों की डीटेल उनके ‘व्हाट्सएप’ ग्रुप में शेयर की जाती थी, ताकि NH-16 पर RTO अधिकारियों द्वारा उनकी जांच न की जा सके। उन्होंने बताया कि सभी 5 आरोपियों के खिलाफ BNS और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। (भाषा)

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