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Anna Hazare: अन्ना हजारे फिर करेंगे आंदोलन, इस राज्य के सीएम के खिलाफ फूंका बिगुल, कहा- 12 बार पत्र लिखा, फिर भी नहीं मिला जवाब

अन्ना हजारे लोकायुक्त कानून बनाने की मांग को लेकर ये आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन की शुरुआत 9 अगस्त से होगी।  

Rituraj Tripathi Written by: Rituraj Tripathi @rocksiddhartha7
Published on: May 17, 2022 16:31 IST
Anna Hazare- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO Anna Hazare

Highlights

  • अन्ना हजारे फिर करेंगे आंदोलन
  • बड़े स्तर पर आंदोलन करने की रणनीति बनाई
  • 35 जिलों और 200 तहसीलों में करेंगे आंदोलन

Anna Hazare: समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इस बार वह महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने खुद इस बात का ऐलान किया है। अन्ना हजारे (Anna Hazare) महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून बनाने की मांग को लेकर ये आंदोलन करेंगे और इसकी शुरुआत 9 अगस्त से होगी।

अन्ना हजारे ने इस बार भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने की रणनीति बनाई है। अन्ना अपने समर्थकों के साथ मिलकर महाराष्ट्र के 35 जिलों और 200 तहसीलों में आंदोलन करेंगे। अन्ना (Anna Hazare) ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में कहा है कि आपने वादा किया था कि लोकायुक्त कानून महाराष्ट्र में भी बनाएंगे लेकिन मैंने आपको 12 बार पत्र लिखा, फिर भी आपने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए जनता के हित के लिए ना चाहते हुए भी मुझे आंदोलन करना पड़ रहा है। 

सरकार नहीं चाहती कि महाराष्ट्र भ्रष्टाचार से मुक्त हो: अन्ना हजारे

अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने कहा कि सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं और सरकार ये नहीं चाहती है कि भ्रष्टाचार से महाराष्ट्र मुक्त हो। लेकिन मेरी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य पूरी तरह भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि एक लड़ाई मैंने देश के दुश्मनों के खिलाफ लड़ी है और एक लड़ाई देश के अंदर छिपे दुश्मनों से लड़ेंगे। 

2016 में भी अनशन कर चुके हैं अन्ना हजारे

महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून लागू करने की मांग को लेकर अन्ना हजारे साल 2016 में भी अनशन कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने रालेगण सिद्धी में आठ दिन तक अनशन ​किया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अन्ना का अनशन तुड़वाने के लिए उनकी सभी शर्तें मानी थीं और लोकायुक्त कानून बनाने के लिए एक कमेटी गठित की थी। हालांकि बाद में महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार सत्ता में आ गई और इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।