नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल में डीजीपी की नियुक्ति से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत ने बड़ी टिप्पणी की है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि 'पश्चिम बंगाल सरकार राज्यसभा में डीजीपी को भेजने में ज्यादा व्यस्त है'। दरअसल, पश्चिम बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार टीएमसी के सदस्य के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।
पिछले सुनवाई में कोर्ट ने कही थी ये बातें
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी, 2026 को कहा था कि राज्य दो साल के तय समय वाले रेगुलर पुलिस डायरेक्टर-जनरल (DGP) के अपॉइंटमेंट से बच रहे हैं और इसके बजाय अपनी पसंद के एक्टिंग पुलिस चीफ चुन रहे हैं, जो 20 साल पुराने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है। कोर्ट ने 2006 में प्रकाश सिंह केस में एक फैसले में यह साफ कर दिया था कि DGP के ऑफिस को पॉलिटिकल या दूसरे बाहरी दबावों से अलग रखा जाना चाहिए और सरकारों को पॉलिटिक्स और लॉ एनफोर्समेंट को मिलाने के खिलाफ चेतावनी दी थी।
बता दें कि टीएमसी के टिकट पर पूर्व डीजीपी राजीव कुमार राज्यसभा जाएंगे। राजीव कुमार का करियर विवादों से भरा रहा है। 3 फरवरी, 2019 को पश्चिम बंगाल में एक ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के बीचों-बीच “अनिश्चितकालीन धरना” शुरू किया। यह तब हुआ जब CBI अधिकारियों का एक ग्रुप शारदा डिपॉजिट कलेक्शन स्कैम के सिलसिले में उस समय के कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर बिना बताए पहुंच गया।
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