Highlights
- पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दी जानकारी
- सोनिया गांधी ने किया प्रतिनिधिमंडल का गठन
- नगालैंड: सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 14 लोगों की मौत
नई दिल्ली: कांग्रेस का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नगालैंड में सुरक्षा बलों की गोलीबारी से जुड़ी घटना के मद्देनजर जल्द ही घटनास्थल का दौरा करेगा और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस प्रतिनिधिमंडल का गठन किया। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह, नगालैंड के पार्टी प्रभारी अजय कुमार, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और एंटो एंटनी शामिल हैं।
उधर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नगालैंड के स्थानीय कांग्रेस नेताओं के मौके का दौरा करने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्य के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है। नगालैंड, हम आपके साथ हैं।’’ गौरतलब है कि नगालैंड के मोन जिले में गत सप्ताहांत सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई थी।
अमित शाह बोले- 1 महीने में जांच पूरी करेगी SIT
गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नगालैंड में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत की घटना पर बयान दिया। अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार नगालैंड की घटना पर अत्यंत खेद प्रकट करती है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताती है। उन्होंने फायरिंग पर अफसोस जताते हुए कहा कि गलत पहचान की वजह से यह घटना हुई।
उन्होंने कहा कि मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और राज्य में शांति व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। मैंने नगालैंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि नगालैंड की घटना की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है जिसे एक महीने के अंदर जांच पूरी करने को कहा गया है। सभी एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चलाते समय इस तरह की किसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो।
अमित शाह ने बताया कि भीड़ के हिंसा करने पर सुरक्षाबलों को गोलियां चलानी पड़ी। शाह ने बताया कि सुरक्षाबलों ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया था, रुकने की बजाए गाड़ी तेजी से निकली। जांच के बाद ये गलत पहचान का मामला निकला। गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि 14 नागरिकों की मौत पर केंद्र सरकार को अफसोस है।
अमित शाह ने सुरक्षा बलों का बचाव करते हुए कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को गोली चलानी पड़ी थी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है। राज्य के डीजीपी और कमिश्नर ने भी इलाके का दौरा किया है। इलाके में शांति के लिए आवश्यकतानुसार उपाय भी किए जा रहे हैं।