1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कक्षा छह में केवल 53% विद्यार्थी जानते हैं 10 तक का पहाड़ा, शिक्षा मंत्रालय के सर्वे ने उड़ाए होश

कक्षा छह में केवल 53% विद्यार्थी जानते हैं 10 तक का पहाड़ा, शिक्षा मंत्रालय के सर्वे ने उड़ाए होश

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jul 08, 2025 08:09 pm IST,  Updated : Jul 08, 2025 08:14 pm IST

शिक्षा मंत्रालय ने 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 781 जिलों में सर्वे किया है। इसमें 74,229 स्कूलों में कक्षा तीन, छह और नौ के सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के लाखों छात्रों को शामिल किया गया। इस सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े निकल कर सामने आए हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

शिक्षा मंत्रालय के सर्वेक्षण से पता चला है कि कक्षा तीन के केवल 55 प्रतिशत छात्र 99 तक की संख्याओं को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित कर सकते हैं, जबकि कक्षा छह के केवल 53 प्रतिशत छात्र 10 तक का पहाड़ा जानते हैं। समग्र विकास के लिए ज्ञान का प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और विश्लेषण (परख) राष्ट्रीय सर्वेक्षण, जिसे पहले राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) के रूप में जाना जाता था, पिछले साल चार दिसंबर को आयोजित किया गया था। 

781 जिलों में किया गया सर्वे

इस सर्वेक्षण में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 781 जिलों के 74,229 स्कूलों में कक्षा तीन, छह और नौ के सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के 21,15,022 छात्रों को शामिल किया गया था। सर्वेक्षण में कहा गया कि तीनों कक्षाओं के 1,15,022 बच्चों का मूल्यांकन किया गया और 2,70,424 शिक्षकों और स्कूल का नेतृत्व करने वालों ने प्रश्नावली के माध्यम से जवाब दिया। 

आरोही या अवरोही क्रम को लेकर पूछे गए सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा तीन के केवल 55 प्रतिशत विद्यार्थी ही 99 तक की संख्याओं को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित कर सकते हैं, जबकि 58 प्रतिशत विद्यार्थी दो अंकों की संख्याओं का जोड़ और घटाव कर सकते हैं। 

जोड़ और गुणा के पूछे गए सवाल

कक्षा छह में केवल 53 प्रतिशत छात्र अंकगणितीय संक्रियाओं और उनके बीच संबंधों को समझ और देख सकते हैं, कम से कम 10 तक जोड़ और गुणन की सारणी जानते हैं और दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए पूर्ण संख्याओं पर चार बुनियादी संक्रियाएं लागू करते हैं। 

छात्रों को सबसे कम अंक गणित में मिले

कक्षा छह में भाषा और गणित के साथ-साथ एक अतिरिक्त विषय ‘हमारे आस-पास की दुनिया’ शुरू किया गया था, जिसमें पर्यावरण और समाज शामिल है। छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर गणित में सबसे कम अंक (46 प्रतिशत) प्राप्त किए, जबकि भाषा में औसतन 57 प्रतिशत और हमारे आस-पास की दुनिया में 49 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 

50% से कम छात्र सही उत्तर देने में सक्षम

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ऐसे उदाहरण जहां 50 प्रतिशत से कम छात्र सही उत्तर देने में सक्षम थे, सीखने की प्रक्रिया में बाधा को दर्शाते हैं। कक्षा नौ में केंद्र सरकार के स्कूलों के छात्रों ने सभी विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, भाषा में स्पष्ट बढ़त हासिल की। ​

विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय में अच्छा प्रदर्शन

​निजी स्कूलों ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन गणित में कम अंक प्राप्त किए। राज्य सरकार और सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में भी इसी तरह के परिणाम दर्ज किये गए। ग्रामीण-शहरी विभाजन भी काफी हद तक देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा तीन के छात्रों ने गणित और भाषा दोनों में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि शहरी क्षेत्रों में कक्षा छह और नौ के बच्चों ने सभी विषयों में अपने ग्रामीण समकक्षों से बेहतर प्रदर्शन किया। 

इस सर्वे रिपोर्ट को लेकर क्या बोले अधिकारी?

स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने रिपोर्ट में कहा, ‘मूल्यांकन से आगे बढ़कर, इस पहल का अगला चरण व्यवस्थित कार्रवाई को सक्षम करने पर केंद्रित है। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 के निष्कर्षों को सार्थक कार्य में बदलने के लिए एक व्यापक बहु-स्तरीय रणनीति की योजना बनाई गई है।’ (भाषा के इनपुट के साथ)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत