नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार ने राहुल गांधी से उन वोटरों की जानकारी मांगी है, जिन्हें वीडियो में दिखाया गया था। दरअसल राहुल ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह वोटरों से बात करते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो के कैप्शन में राहुल ने लिखा था, "जिन लोगों ने पिछले 4-5 चुनावों में वोट किया, बिहार में उनका भी वोट चोरी कर लिया। और, जब वजह पूछा, तो एक ही जवाब मिला- ऊपर से ऑर्डर आया है। ये गरीबों के अधिकार की लड़ाई है - हम रुकेंगे नहीं। वोट चोरी रोक कर रहेंगे।"
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार ने क्या कहा?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार ने राहुल गांधी के इसी वीडियो पर रिप्लाई किया है और एक्स पर कहा, "कृपया वीडियो में प्रदर्शित निर्वाचकों की EPIC संख्या एवं अन्य विस्तृत विवरण विहित प्रपत्र में उपलब्ध कराने की कृपा करें, ताकि उक्त संबंध में आवश्यक जांच कर अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। साथ ही अनुरोध है कि संबंधित निर्वाचकों का सहयोग करते हुए उनकी दावा-आपत्ति अवधि में प्रविष्टियां दर्ज कराने में सहायता की जाए। दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर, 2025 है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, किसी भी राजनीतिक दल का बूथ लेवल एजेंट विहित प्रपत्र एवं घोषणा पत्र में दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। इसके अतिरिक्त, कोई भी मतदाता व्यक्तिगत स्तर पर प्रपत्र 6, 7 एवं 8 में दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। यह सुविधा भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी उपलब्ध है। इसके साथ ही दिए गए QR कोड को स्कैन करके भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।"
राहुल ने गया में भी साधा चुनाव आयोग पर निशाना
बिहार के गया में 'मतदाता अधिकार यात्रा' में भी राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जब वे 'वोट चोरी' करते हैं, तो वे इस आत्मा (संविधान) पर हमला करते हैं, वे संविधान पर हमला करते हैं, वे भारत माता पर हमला करते हैं। हम न तो नरेंद्र मोदी और न ही चुनाव आयोग को इस पर हमला करने देंगे। कोई भी इस संविधान को मिटा नहीं सकता। चुनाव आयुक्त, एक बात अच्छी तरह समझ लीजिए - अगर आप अपना काम नहीं करेंगे, तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"