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Exclusive: ऑपरेशन सर्प विनाश 2.0 को लेकर भारतीय सेना के सामने ये हैं चुनौतियां, फिर भी कम नहीं हो रहा जवानों का हौसला

 Reported By: Manish Prasad Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Jul 25, 2024 03:31 pm IST,  Updated : Jul 25, 2024 05:25 pm IST

ऑपरेशन सर्प विनाश को लेकर सेना का ऑपरेशन तेजी से चल रहा है, इस ऑपरेशन में 150 किलोमीटर तक आर्मी आतंकियों को ढूंढ रही है।

INDIA ARMY- India TV Hindi
आतंकियों का ऑपरेशन सर्प विनाश के तहत आर्मी तलाश कर रही है। Image Source : FILE PHOTO

इंडियन ऑर्मी आतंकियों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन सर्प विनाश चला रही है। ऐसे में इंडिया टीवी सेना के साथ हिल काका की पहाड़ियों पर पहुंचा, जहां इंडिया टीवी ने ऑपरेशन सर्प विनाश के सामने खड़ी चुनौतियों के बारे में समझने की कोशिश की। ये पहाड़ियां हैं करीबन 15 हजीर फीट की ऊंची है, इसके अंदर हजारों की संख्या में गुफाएं हैं, डोग है और उसके अंदर अंडरग्राउंड बंकर भी हैं।

150 किलोमीटर तक चल रहा ऑपरेशन

इस समय पूरी लड़ाई आतंकियों के साथ जंगल वारफेयर की है, इसके तहत बदलवा डोडा किश्तवाड़ राजौरी और पुँछ के इलाकों में करीबन 150 किलोमीटर तक भारतीय सेना का ऑपरेशन सर्प विनाश 2.0 जारी है। इस ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती है यहां की खड़ी चढ़ाई, हज़ारों की संख्या में गुफाएं और प्राकृतिक तौर पर बने हुए चट्टानों के बीच में से रास्ते। साथ में जंगली जानवर और चारों तरफ बने हुए डोग। आतंकी पूरी तैयारी के साथ आए हैं और इसीलिए उन्होंने स्थानीय लोगों को डरा धमकाकर और अपने ओवर ग्राउंड वर्कर के साथ मिलकर पूरा प्लान तैयार किया है लेकिन सेना ने इसे विफल करने की पूरी तैयारी कर दी है।

1000 से ज़्यादा गुफाएं

इन पहाड़ियों पर घने जंगल है, कोई रास्ता नहीं है, पहाड़ में 1000 से ज्यादा गुफाएं हैं, थर्मल कैमरे में भी तस्वीर न आए ऐसी चट्टानें हैं। द्रोण और बाक़ी हथियार का भी इस्तेमाल करने के बावजूद भी घने जंगलों में आतंकियों का पता लगाना मुश्किल है। एक तरफ सीधी चढ़ाई है तो दूसरी तरफ खाई इसकी आतंकियों को मदद मिल रही है। जानकारी के मुताबिक लोकल जम्मू कश्मीर पुलिस की SOG टीम के साथ मिलकर सेना इस ऑपरेशन को अंजाम देगी। सेना का लक्ष्य है कि आतंकियों का जल्द से जल्द खात्मा कर दिया जाए।

2003 में यहीं छिपते थे लश्कर और जैश के आतंकी

साल 2003 में यहीं पर ऑपरेशन सर्प विनाश के तहत लश्कर और जैश के आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया गया था। लश्कर और जैश के आतंकी यहीं रहते थे, यहीं पर ट्रेनिंग करते थे। यही कारण है कि इसे मिनी पाकिस्तान कहा जाता था। इंडियन आर्मी ने यहां के स्थानीय लोगों के साथ मिलकर ऑपरेशन सर्प विनाश शुरू किया जिसमें 65 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया था।

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