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हरिद्वार में कच्चे मांस की दुकानों को शहर से किया जाएगा बाहर, सराय गांव में बनाई गईं 57 दुकानें, जानिए इसकी वजह

 Published : Apr 07, 2026 09:19 am IST,  Updated : Apr 07, 2026 09:25 am IST

हरिद्वार में अब लाइसेंसी और अवैध सभी कच्चे मांस की दुकानों को शहर से बाहर भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। शहर के बाहर 57 नई दुकानें बनाई गई हैं। जहां कच्चे मांस की दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

हरिद्वार में अगले साल होने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले बड़ा ऐलान किया गया है। हरिद्वार नगर निगम ने शहरी क्षेत्रों से सभी कच्चे मांस की दुकानों को हटाने का निर्णय लिया है। सोमवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह निर्णय बहुमत से पारित किया गया।

शहर के बाहर बनाई गईं 57 दुकानें

हरिद्वार की महापौर किरण जायसवाल ने बताया कि शहर में वर्तमान में चल रही सभी मांस की दुकानें, चाहे लाइसेंस प्राप्त हों या अवैध हटा दी जाएंगी। इन मांस की दुकानों को पास के सराय गांव में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने सराय गांव में 57 दुकानें बनवाई हैं। 

हरिद्वार एक धार्मिक तीर्थ स्थल

मेयर ने कहा कि हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह निर्णय उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है। नगर निगम ने नगरपालिका उपनियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी पारित किया है।

हर की पौड़ी में पहले से ही प्रतिबंध

नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि 1935 के उपनियमों के अनुसार, हर की पौड़ी के पांच किलोमीटर के दायरे में मांस, शराब और अंडे की बिक्री और सेवन पर पहले से ही प्रतिबंध है। अब संशोधन के बाद, कच्चे मांस की बिक्री पूरी तरह से शहरी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित कर दी जाएगी। प्रस्ताव का विरोध करते हुए महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने प्रस्ताव का विरोध करके दोहरा मापदंड अपनाया है। 

सख्ती से लागू किए जाएं नियम- कांग्रेस

दूसरी ओर, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि उनकी पार्टी मांस के साथ-साथ शराब और अंडे की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध संबंधी मौजूदा उपनियमों को सख्ती से लागू करने के पक्ष में है। उन्होंने तर्क दिया कि कच्चे मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने मात्र से धार्मिक भावनाओं की पूरी तरह रक्षा नहीं होगी। इसके लिए अन्य मौजूदा प्रतिबंधों को भी सख्ती से लागू करना आवश्यक है।

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