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जिस खतरनाक जहर का प्रयोग ट्रंप-ओबामा के खिलाफ हुआ, उसे तैयार करने में जुटे थे गुजरात में पकड़े गए आतंकी, कितना खतरनाक है?

 Reported By: Atul Bhatia, Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Nov 10, 2025 02:58 pm IST,  Updated : Nov 10, 2025 03:00 pm IST

गुजरात में एंटी टेरर स्कॉड (ATS) की गुजरात यूनिट ने 3 आतंकियों को पकड़ा तो पता लगा कि वह ‘रिसिन’ जैसे घातक रासायनिक जहर की तैयारी में जुटे थे। ये जहर बेहद खतरनाक और जानलेवा होता है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनसे पूर्व बराक ओबामा के खिलाफ किया जा चुका है।

Ricin- India TV Hindi
‘रिसिन’ जहर है बेहद खतरनाक Image Source : INDIA TV

गांधीनगर: एंटी टेरर स्कॉड (ATS) की गुजरात यूनिट ने रविवार (9 अक्टूबर) को तीन आतंकियो को गिरफ्तार किया, जो आतंकी हमला करने के लिए एक केमिकल बम बना रहे थे। इन आतंकियों में से एक आतंकी चीन में MBBS की डिग्री हासिल कर चुका था।

ऐसे में सवाल ये उठा कि आखिर आतंकी कौन सा केमिकल बम बनाकर देश को दहलाने की साजिश रच रहे थे। आतंकियों की पहचान अहमद मोहय्यूद्दीन सैयद, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम के रूप में हुई है। अहमद मोहय्यूद्दीन सैयद ने ही चीन से MBBS की डिग्री हासिल की थी।

किस टाइप का रासायनिक जहर तैयार कर रहे थे आतंकी?

आतंकी ‘रिसिन’ जैसे घातक रासायनिक जहर की तैयारी में जुटे थे। यह वही पदार्थ है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कैमिकल हथियारों’ की सबसे घातक श्रेणी में आता है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि सैयद ने अपने रासायनिक ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए रिसिन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

रिसिन जहर इतना घातक है कि इसकी सिर्फ 1.78 मिलीग्राम मात्रा, किसी व्यक्ति की मौत के लिए पर्याप्त होता है। यह सांस, इंजेक्शन या निगलने के जरिए शरीर में जाने पर 48 से 72 घंटे में घातक असर दिखाता है।

इसका कोई एंटीडोट या इलाज अब तक विकसित नहीं हुआ है।

क्या है रिसिन जहर? प्वाइंटर्स में समझें

  • रिसिन अरंडी के बीज से निकाला जाने वाला बेहद जहरीला प्रोटीन है।
  • यह Chemical Weapons Convention (CWC) की Schedule-1 सूची में दर्ज है — यानी सबसे घातक रासायनिक हथियारों में शामिल।
  • सिर्फ 1.78 मिलीग्राम रिसिन किसी व्यक्ति की मौत के लिए पर्याप्त होता है।
  • यह सांस, इंजेक्शन या निगलने के जरिए शरीर में जाने पर 48 से 72 घंटे में घातक असर दिखाता है।
  • इसका कोई एंटीडोट या इलाज अब तक विकसित नहीं हुआ है।
  • अंतरराष्ट्रीय संस्था OPCW (Organisation for the Prohibition of Chemical Weapons) के अनुसार, यह पदार्थ गर्मी और पानी के संपर्क में आने पर कमजोर पड़ जाता है, इसलिए बड़े पैमाने पर फैलाना कठिन होता है।

अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में रिसिन का इस्तेमाल

  • 2013: अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को साल 2013 में 2 बार रिसिन मिले पत्र भेजे गए थे।
  • 2018 और 2020: डोनाल्ड ट्रंप को भी 2018 और 2020 में रिसिन युक्त चीजें भेजी गई थीं।

ATS की कार्रवाई और बरामदगी

गुजरात ATS को आरोपियों के पास से रासायनिक उपकरण और रिसिन तैयार करने के लिए उपयोग किए गए केमिकल्स मिले हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी रिसिन तैयार करने की प्रारंभिक रासायनिक प्रक्रिया तक पहुंच चुके थे। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि रिसिन का इस्तेमाल कहां और कब किया जाना था और इसे बनाने में किस-किसने आतंकी डॉक्टर की मदद की।

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