मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने सौर कृषि वाहिनी और कृषि पंप जैसी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल महाराष्ट्र के 76 प्रतिशत किसानों को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और आने वाले समय में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि किसानों का बकाया 48 हजार करोड़ रुपये का बिजली का बिल माफ करने का फैसला उनकी सरकार ने कर लिया है।
48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'कई किसानों के नाम पर 7.5 हॉर्स पावर तक के कृषि बिजली कनेक्शनों का वर्षों पुराना बकाया बिल दर्ज है। यह बकाया सरकार के रिकॉर्ड में है और बिजली कंपनी का कोई भी कर्मचारी कभी भी वसूली के लिए पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।'
हम चाहते हैं कि किसानों की पाटी पूरी तरह कोरी हो जाए, ताकि वे नई शुरुआत कर सकें और अपने भविष्य का नया इतिहास लिख सकें। इसी उद्देश्य से यह बड़ा फैसला लिया गया है: देवेंद्र फडणवीस
किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने का कदम
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार का मकसद महज बिजली के बकाया बिल की राशि को माफ करना नहीं, बल्कि हमारे किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाना भी है। सीएम फडणवीस का मानना है कि जब किसानों पर बकाया बिजली बिल का बोझ नहीं रहेगा, तो वे कृषि में निवेश कर पाएंगे, मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपना सकेंगे और प्रोडक्शन बढ़ाने पर ध्यान दे पाएंगे।
किसानों तक सस्ती बिजली पहुंचाने पर भी जोर
इस दौरान, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोलर एनर्जी बेस्ड कृषि योजनाओं का जिक्र भी किया। देवेंद्र फडणवीस ने याद दिलाया कि किसानों को निर्बाध और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र सरकार का काम जारी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि आने वाले वक्त में हर किसान तक पर्याप्त बिजली को पहुंचाने और एग्रीकल्चर सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार जरूरी कदम उठाती रहेगी। इससे पहले, हाल ही में 56 लाख किसानों का 36 हजार 585 करोड़ रुपये का कर्ज फडणवीस सरकार ने माफ कर दिया था।
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