भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया है। इस ऑपरेशन को आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ने मिलकर अंजाम दिया है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब भारत ने आधी रात में स्ट्राइक करके आंतकिस्तान को हिलाया है। इससे पहले भी भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक करके पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूद करने का काम किया है। भारत पर हुए आतंकी हमले का बदला सेना ने पहले 10 दिन, फिर 12 दिन में और अब 15 दिन के अंदर लिया है।
2016 में भारतीय सेना ने उरी सेक्टर के पास आर्मी हेडक्वार्टर में हुए आतंकी हमले का बदला 10 दिन के अंदर लिया था। 18 सितंबर 2016 को पाकिस्तान से आए हथियारबंद आतंकवादियों ने उरी के आर्मी हेडक्वार्टर में सुबह 5 बजे के करीब सोते हुए सेना के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जवानों ने जबाबी कार्रवाई करते हुए सभी आतंकियों को वहीं ढेर कर दिया था। हालांकि, इस हमले में 18 जवान शहीद हुए थे।
इसका बदला लेने के लिए भारतीय सेना के स्पेशल कमांडोज ने 28 सिंतबर की रात में एलओसी के पास उतरे और PoK में मौजूद आतंकियों के कैंप तबाह कर दिए। इस सर्जिकल स्ट्राइक में सेना के जवानों ने 40 आतंकवादियों को मार गिराया था।
14 फरवरी 2019 को आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए इस आत्मघाती हमले में 40 जवानों शहीद हुए थे। इस हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने वहां घूमने गए पर्यटकों पर हमला किया था। इस हमले में 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक की मौत हुई थी। इस आतंकी हमले का बदला 15 दिन बाद 6 मई की रात को लिया गया। भारतीय सेना ने इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया है। इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के ज्वाइंट ऑपरेशन से PoK में 9 मिसाइलें दागी गई, जिसमें खबर लिखे जाने तक 30 आतंकी मारे गए हैं।
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