1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कहां-कहां सूखे का डर? IMD ने जारी की इस साल कम बारिश की चेतावनी, बढ़ सकती है मुसीबत

कहां-कहां सूखे का डर? IMD ने जारी की इस साल कम बारिश की चेतावनी, बढ़ सकती है मुसीबत

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Apr 13, 2026 09:47 pm IST,  Updated : Apr 13, 2026 09:53 pm IST

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस साल सामान्य से भी कम मानसूनी बारिश होगी। जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल मानसूनी बारिश सामान्य से कम यानी 92% (±5%) रह सकती है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : FILE (PTI)

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल देश में सामान्य से कम मानसूनी बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल बारिश लंबी अवधि के औसत का 92% (±5%) रहने की संभावना है। यह अनुमान 1971 से 2020 तक के औसत (87 सेमी) पर आधारित है।

IMD के अनुसार, अप्रैल से जून तक स्थिति तटस्थ रहेगी, लेकिन मानसून के दौरान अल-नीनो के सक्रिय और मजबूत होने की प्रबल संभावना है। अल-नीनो की स्थिति आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करती है और गर्मी बढ़ाती है।

कहां ज्यादा और कहां कम बरसेगा पानी?

  1. उत्तर भारत के मैदानी इलाके (गंगा के क्षेत्र), पहाड़ी क्षेत्र, मध्य भारत का बड़ा हिस्सा और पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में सूखा जैसे हालात बन सकते हैं।
  2. पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्से और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के चुनिंदा क्षेत्रों में बारिश सामान्य से बेहतर रह सकती है।
  3. वर्तमान में हिंद महासागर द्विध्रुव तटस्थ है और यूरेशिया का स्नो कवर कम रहा है, जो मानसून के विकसित होने के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार

  1. कम बारिश से खरीफ फसलों (धान, दाल, सब्जियां) की बुवाई और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यदि उत्पादन घटता है, तो बाजार में दालों और सब्जियों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ सकता है।
  2. भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक खेती पर निर्भर है। फसल खराब होने या पैदावार कम होने से किसानों की आय कम होगी। इसका सीधा असर ट्रैक्टर, टू-व्हीलर और FMCG उत्पादों की बिक्री पर पड़ेगा, क्योंकि गांवों से मांग कम हो जाएगी।
  3. कम बारिश की वजह से जलाशयों का जलस्तर गिर सकता है, जिससे न केवल सिंचाई, बल्कि पशुपालन और पीने के पानी की उपलब्धता पर भी दबाव बढ़ेगा।

ये भी पढ़ें-

मौसम विभाग ने 4 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया, 15 अप्रैल से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

बंगाल चुनाव में वोटर लिस्ट से कटे नाम वाले नहीं डाल सकेंगे वोट, सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम अधिकार देने से किया इंकार

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत