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डीआरडीओ ने फिर किया कमाल, आकाश हथियार प्रणाली का किया सफल परीक्षण, 4 टार्गेट्स को किया नष्ट

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Dec 17, 2023 06:32 pm IST,  Updated : Dec 17, 2023 06:32 pm IST

डीआरडीओ एक के बाद एक नए परीक्षण कर रहा है। इस बार डीआरडीओ द्वारा विकसित स्वदेशी आकाश हथियार प्रणाली का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना ने किया है। इस परीक्षण में आकाश मिसाइल ने एक साथ 4 लक्ष्यों को हवा में नष्ट कर दिया।

Indian Air Force using the Akash Weapon System TEST SAID DRDO- India TV Hindi
डीआरडीओ ने आकाश हथियार प्रणाली का किया सफल परीक्षण Image Source : ANI

भारतीय वायुसेना ने अस्त्रशक्ति 2023 में अपना दम जोरदार तरीके से दिखाया है। भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वायुसेना ने आकाश हथियार प्रणाली का सफल परीक्षा किया है। डीआरडीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि आकाश वेपन प्रणाली के जरिए 4 लक्ष्यों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। डीआरडीओ के मुताबिक भारत ऐसा पहला देश बन गया है, जिसने ऐसी क्षमता हासिल की है, जिससे सिंगल फायरिंग यूनिट के जरिए उस रेंज पर कमांड गाइडेंस के जरिए 4 टार्गेट्स के नष्ट किया। ट्रायल के बारे में बात करते हुए अधिकारियों ने कहा कि अभ्यास के दौरान एक ही दिशा से चार टार्गेट्स क्लोज फॉर्मेशन में आए और फिर बंटकर अलग-अलग दिशानों में एक साथ डिफेंस असेट पर हमला करने लगे।

स्वदेशी है आकाश हथियार प्रणाली

अधिकारियों ने कहा कि आकाश हथियार प्रणाली को फायरिंग लेवल रडार, फायरिंग कंट्रोल सेंटर और दो आकाश एयरफोर्स लॉन्च के साथ तैनात किया गया। इन लॉन्चर्स में 5 मिसाइलें लगी हुई थीं। इस अभ्यास के दौरान सबसे पहले एफएलआर ने हवा में दुश्मनों का पता लगाया और फिर आकाश फायरिंग यूनिट ने उन लक्ष्यों को हवा में ही मार गिराने का आदेश दिया। इसके बाद कमांडर द्वारा आदेश जारी किया गया, जिसके बाद दो लॉन्चर्स से दो आकाश मिसाइलें हवां में उड़ीं। वहीं इसी लॉन्चर से बाकी अन्य दो लक्ष्यों को भी उड़ाने का आदेश दिया गया, जिसके बाद कुल 4 मिसाइलों ने 30 किमी की रेंज पर चारों टार्गेट्स को तबाह कर दिया। 

डीआरडीओ कर रहा कमाल

बता दें कि आकाश हथियार प्रणाली सिस्टम स्वदेशी है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी डीआरडीओ ने बनाया है। पिछले ही दशक में इसे आर्मी और वायुसेना में तैनात किया गया है। वर्तमान में जिस सिस्टम से इसकी फायरिंग की गई, उसका रिपीट ऑर्डर सितंबर 2019 में वायुसेना की तरफ से दिया गया था। बता दें कि आकाश वेपन सिस्टम को खरीदने के लिए कई देश आतुर हैं। डीआरडीओ लगातार इसे अपग्रेड कर आधुनिक बना रहा है। इससे पहले डीआरडीओ ने स्वदेशी हाई-स्पीड फ्लाइंग यूएवी, ऑटोनोमस फ्लाइंग विंग टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर का सफल परीक्षण किया था।

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