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Jammu Kashmir: कश्मीरी पंडितों ने जम्मू-अखनूर मार्ग को किया जाम, घाटी में टार्गेट किलिंग को लेकर जताया विरोध

 Reported By: PTI Edited By: Akash Mishra
 Published : Oct 15, 2022 08:12 pm IST,  Updated : Oct 15, 2022 08:12 pm IST

Jammu Kashmir: घाटी से स्थानांतरित करने की मांग कर रहे सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने घाटी में अपने समुदाय के सदस्यों की टार्गेट किलिंग के विरोध में शनिवार को जम्मू-अखनूर मार्ग अवरूद्ध कर दिया।

Representational Image- India TV Hindi
Representational Image Image Source : SCREEN GRAB(FILE PHOTO)

Highlights

  • घाटी में स्थिति उनके लिए सुरक्षित नहीं है: कश्मीरी पंडित
  • 'पुनर्वास के लिए उनकी दलीलों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया'
  • प्रदर्शनकारियों ने टार्गेट किलिंग की निंदा करने के लिए पाकिस्तान का पुतला फूंका

Jammu Kashmir: घाटी से स्थानांतरित करने की मांग कर रहे सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने घाटी में अपने समुदाय के सदस्यों की टार्गेट किलिंग के विरोध में शनिवार को जम्मू-अखनूर मार्ग अवरूद्ध कर दिया। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के चौधरी गुंड इलाके में शनिवार दोपहर आतंकवादियों ने पूरन कृष्ण भट्ट की उनके आवास के पास गोली मारकर हत्या कर दी। मई में कश्मीर में राहुल भट्ट की हत्या के बाद से पिछले पांच महीनों में प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित जम्मू में राहत आयुक्त कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

'हमारी आशंका फिर सच साबित हुई'

कश्मीरी पंडित की हत्या की खबर मिलने पर प्रदर्शनकारी प्रदर्शन स्थल से बाहर आए और आतंकवादियों द्वारा टार्गेट किलिंग और सरकार की कथित विफलता की निंदा करते हुए मुख्य सड़क की ओर मार्च किया और राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों में शामिल निखिल कौल ने कहा, ‘‘इन लक्षित हत्याओं के साथ हमारी आशंका फिर सच साबित हुई है। हम पहले ही घाटी छोड़ चुके हैं वरना हमें लगता है कि हम में से कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता।’’ 

'सरकार अपने रुख पर कायम है'

कौल ने कहा कि कश्मीरी पंडित कहते रहे हैं कि घाटी में स्थिति उनके लिए सुरक्षित नहीं है, लेकिन ‘‘यह सरकार अपने रुख पर कायम है और पुनर्वास के लिए उनकी दलीलों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।’’ एक अन्य प्रदर्शनकारी योगेश पंडित ने कहा कि प्रशासन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने और उनके वेतन को रोकने के रूप में ‘मृत्यु वारंट’ जारी करके उन पर फिर से काम करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भट्ट् की हत्या ने घाटी में बेहतर सुरक्षा स्थिति के बारे में सरकार के दावों को उजागर कर दिया है। सही मायनों में स्थिति सामान्य होने तक हम वापस नहीं लौटेंगे।’’ 

'यह सरकार गूंगी, बहरी और अंधी है'

पंडित ने कहा कि उन्होंने पिछले एक साल में सिलसिलेवार टार्गेट किलिंग के बाद घाटी से अपने स्थानांतरण के लिए ज्ञापन और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक पहुंचने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार गूंगी, बहरी और अंधी है।’’ पंड़ित ने कहा कि उनकी क्या गलती थी जिसके लिए उन्हें आतंकवादियों द्वारा बेरहमी से मार दिया जा रहा है। राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता भी प्रदर्शनकारियों में शामिल हुए और घाटी में आतंकवादियों द्वारा लगातार टार्गेट हत्याओं की निंदा करने के लिए पाकिस्तान का पुतला फूंका। 

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