उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन दरकने से हड़कंप मचा हुआ है। जोशीमठ नगर क्षेत्र में 723 भवनों को भू-धंसाव प्रभावित के रूप में चिह्नित किया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ नगर का जायजा लेने पहुंचे थे और प्रभावितों के लिए अंतरिम सहायता की घोषणा की। हम आपको जोशीमठ पर आई इस आपदा और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से जुड़े लाइव अपडेट्स के बारे में जानकारी देते रहेंगे:
धामी सरकार ने बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी मंत्री एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। इसका इस्तेमाल जोशीमठ के प्रभावितों के लिए किया जाएगा। 6 माह तक बिजली के बिल माफ होंगे। मनरेगा योजना का लाभ भी जोशीमठ के परिवारों को दिया जाएगा।
जोशीमठ में जमीन धंसने के संकट को लेकर आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में धामी सरकार ने बैठक की। इस बैठक में पुनर्वास और मुआवजे को लेकर खासतौर पर चर्चा की गई। इस बैठक में जोशीमठ मामले को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। अहम फैसले में इस बात पर भी निर्णय हुआ कि जोशीमठ के प्रभावितों के लिए 7 दिनों में राहत पैकेज तैयार कर दिया जाएगा।
एनटीपीसी (NTPC) द्वारा किए गए ब्लास्ट से ही जोशीमठ तबाह हो रहा है. इस बात में कितना सच है, उत्तराखंड सरकार इसकी जांच कराने में जुट गई है। भू-धंसाव के कारणों का पता लगाने के लिए 8 इंस्टीट्यूट स्टडी कर रहे हैं। इसमें एनटीपीसी परियोजना के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षण चल रहा है।
रात होने और हल्की बारिश के चलते होटल गिराने का काम बंद किया गया। अब कल सुबह 10 बजे से काम शुरू होगा।
सूत्रों के मुताबिक, होटलों को हथौड़े से तोड़ा जाएगा और इसके साथ कटर का इस्तेमाल किया जाएगा। होटलों को स्टेप के साथ तोड़ा जायेगा। इसमें 7 से 8 दिन का समय लगेगा। होटल का जो भारी हिस्सा है, उसे तोड़ा जाएगा और सीबीआरआई के दिशा निर्देशों का पालन होगा।
जमीन धंसने की त्रासदी को लेकर जनता से लेकर सरकार तक तनाव में हैं। इसी बीच सरकार ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। हालांकि जोशीमठ में खराब होते मौसम ने सबकी चिंता को और बढ़ा दिया है। लेकिन इस बीच वहां होटल को गिराने का काम शुरू हो गया है। इससे पहले मुआवजे पर लोगों के विरोध की वजह से ये काम शुरू हो नहीं हो पाया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कहा कि उत्तराखंड की सरकार जोशीमठ पर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसको देख रहे हैं। केंद्र सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है। मैंने रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को वहां भेजा था, आगे जरूरत पड़ी तो वहां जाएंगे।
जोशीमठ के हालात पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाईलेवल मीटिंग की है। बैठक के बाद सीएम ने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि आपदा पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी और हम हर बेहतर कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की भी हालात पर पूरी नजर है। इससे पहले सीएम ने आपदा पीड़ितों के लिए 45 करोड़ रुपए का विस्थापन-पुनर्वास पैकेज जारी किया। सीएम धामी ने जोशीमठ में सुबह-सुबह भगवान नरसिंह मंदिर में पूजा की और शहर की सलामती की कामना की।
जोशीमठ में पीड़ितों से मुलाकात के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज शाम या कल सुबह तक सभी को मुआवजा मिल जाएगा। (रिपोर्ट: अभय पाराशर)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ संकट पर कहा, 'हमारी सरकार इन लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। बैठक में हमने यहां आने के बाद मिले अपडेट्स के आधार पर समस्याओं के समाधान खोजने की योजना बनाई है।'
जोशीमठ में छाए बादलों और सामने की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू होने से इलाके में सर्द हवाएं चल रही हैं और पिछले कुछ दिनों के मुकाबले ज्यादा ठंडक है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने जोशीमठ के आपदा पीड़ितों की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने भी चमोली समेत अन्य हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल जोशीमठ में भूधंसाव प्रभावितों को बाजार दर पर मुआवजा देने की घोषणा करते हुए कहा था कि प्रभावितों को दुख की इस घड़ी में सरकार द्वारा हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने भूधंसाव से प्रभावित मकानों को गिराने संबंधी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए लोगों से कहा कि इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जोशीमठ में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित खतरे वाले इलाकों में घरों के आंगन और कमरों के अलावा आसपास की धरती भी फटी हुई दिख रही है और वहां गहरी दरारें हैं जो कई इंच चौड़ी हैं। पीड़ितों का कहना है कि जोशीमठ में बारिश से इन दरारों के जरिए धरती के अंदर पानी जाने से समस्या और बढ़ेगी।
आज सुबह 11 बजे के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ITBP में प्रसाशनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और जोशीमठ के हालात पर अपडेट लेंगे। होटल मालिकों के साथ मुआवजे को लेकर हल निकालने की कोशिश की जाएगी। जिन घरों की दरारे और चौड़ी हो रही है, वहां के हालात पता करेंगे। वहीं, 3 बजे जोशीमठ बचाओ कमेटी की बैठक होगी। अभी होटल तोड़ने की तैयारी नहीं हुई है, इस बारे में मीटिंग के बाद आगे का प्लान तैयार होगा। (रिपोर्ट: अभय पाराशर)
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