दिल्ली से सटे गाजियाबाद में यूपी एसटीएफ ने हाल ही में फर्जी दूतावास का भंडाफोड़ किया। गाजियाबाद के कविनगर में इस दूतावास में एक नहीं चार-चार देशों की एंबेसी चल रही थी। इस घर के बाहर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली लग्जरी गाड़ियां भी लगी रहती थी। इतना ही नहीं आरोपी विदेश मंत्रालय की मुहर वाले फर्जी दस्तावेज तैयार कर रखे थे। STF ने छापेमारी में यहां से 12 फर्जी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट बरामद किए। हालांकि यहां चार देशों की जिस एंबेसी होने की बात कही जा रही थी, आइये उन देशों के बारे में जानते हैं।
वेस्ट आर्कटिक
वेस्ट आर्कटिक की बात करें तो यहां कोई भी नहीं रहता है। यह दक्षिणी ध्रुव के पास मौजूद है। एक अमेरिकी नौसना के अधिकारी ट्रैविस ने इसकी स्थापना की थी। उसने 2004 में खुद को यहां का ग्रैंड ड्यूक घोषित कर लिया। ट्रैविस ने वेस्ट आर्कटिक को एक चैरिटी के रूप में पूरी दुनिया के सामने पेश किया, जो एक संप्रभु राष्ट्र और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई।
सेबोर्गा
सेबोर्गा, इटली और फ्रांस की सीमा के पास मौजूद है। ये एक पर्यटक गांव रहा है, जिसकी संप्रभुता कभी भी किसी देश या राजा को नहीं सौंपी गई। इसकी वेबसाइट पर भारत में तीन प्रतिनिधियों के नाम हैं। ये लोग इटली के शासन को गैरकानूनी बताते हैं। इतना दावा है कि यह स्वतंत्र राष्ट्र हैं।
लैंडोनिया
लेंडोनिया की बात करें तो यह स्वीडन में मौजूद है। यह सिर्फ एक वर्ग किलोमीटर में ही फैला हुआ है। यहां 29 हजार के करीब खानाबदोश नागरिक है। फिलहाल यहां के घोषित कथित राष्ट्रपति और महारानी दोनों अमेरिका में रह रहे हैं।
पौलो वाई
यह थाईलैंड की खाड़ी में है। हालांकि इनका मानना है कि इनके पास मजबूत सेन्य शक्ति भी है। साल 1995 में इस देश के होने का दावा किया गया था। वियतनाम के आखिरी राजवंश के प्रिंस गुयेन बाओ नाम ने इसकी घोषणा की थी।