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NEET Paper Leak: बिहार पुलिस ने किया साजिश का खुलासा, NTA की बड़ी कार्रवाई| 10 प्वाइंट्स

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jun 24, 2024 07:46 am IST,  Updated : Jun 24, 2024 07:47 am IST

नीट पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस ने बड़ी साजिश का खुलासा किया है। वहीं, एनटीए ने भी इस मामले में 110 अभ्यर्थियों पर कड़ी कार्रवाई की है। 10 प्वाइंट्स में जानें सबकुछ-

Neet paper leak case- India TV Hindi
नीट पेपर लीक मामले में खुलासा Image Source : FILE PHOTO

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रविवार को NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अपने हाथ में ले ली और जांच के लिए अपनी टीमों को कई राज्यों में भेजा है और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली है । इस बीच, बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने NEET पेपर लीक मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अबतक इस मामले में राज्य में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), जो कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने और स्थगित करने को लेकर आलोचना झेल रही है, ने "कदाचार" का पता चलने पर 17 छात्रों को बिहार के केंद्रों से निष्कासित कर दिया है। विवाद शुरू होने के बाद से एनटीए ने अब तक कुल 110 छात्रों पर बड़ी कार्रवाई की है।

10 प्वाइंट्स में जानें-

 

रविवार को, 1,563 छात्रों में से- जिन्हें ग्रेस अंक विवाद पर एनईईटी परीक्षा दोबारा देने के लिए कहा गया था, उनमें से केवल 813 छात्रों ने परीक्षा दी। इन उम्मीदवारों को 5 मई को परीक्षा शुरू होने में देरी के कारण छह केंद्रों पर टाइम की भरपाई के लिए एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। आरोप था कि इससे उनके अंकों में इजाफा हुआ था, ऐसा छह केंद्रों में हुआ था। हरियाणा के एक ही केंद्र से ग्रेस मार्क वाले उम्मीदवारों ने पूरे 720 अंक प्राप्त किए। तो वहीं, NEET-UG परीक्षा में 67 छात्रों को फुल मार्क्स मिले थे। 

​​सीबीआई ने NEET-UG मामले में धारा 20-बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की है। बिहार और गुजरात सरकारों ने भी अपनी पुलिस द्वारा दर्ज किए गए NEET-UG पेपर लीक के मामलों को सीबीआई को स्थानांतरित करने के लिए रविवार को एक अधिसूचना जारी की। पटना पुलिस ने रविवार शाम झारखंड के देवघर से हिरासत में लिये गये पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी नालंदा के रहने वाले हैं वे हैं- बलदेव कुमार, मुकेश कुमार, पिंकू कुमार, राजीव कुमार और परमजीत सिंह।
 

बयान में कहा गया है कि कुख्यात संजीव कुमार उर्फ ​​लुटन मुखिया गिरोह से जुड़े बलदेव कुमार को कथित तौर पर परीक्षा से एक दिन पहले अपने मोबाइल फोन पर पीडीएफ फॉर्मेट में एनईईटी-यूजी परीक्षा की सॉल्व की गई आंसर शीट मिल गई थी।

पुलिस के बयान में दावा किया गया कि कई अंतरराज्यीय पेपर लीक की साजिश रचने के आरोपी मुखिया गिरोह के सदस्य ही लीक आंसर शीट लीक किया था।  
बलदेव और उनके सहयोगियों ने 4 मई को पटना के रामकृष्ण नगर में एक सुरक्षित घर में एकत्र हुए छात्रों के लिए उत्तर पुस्तिका छापी। नीतीश कुमार और अमित आनंद, जिन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था,  छात्रों को सुरक्षित घर तक लेकर आया था। 
 

पुलिस के बयान में कहा गया है कि एनईईटी-यूजी प्रश्न पत्र झारखंड के हजारीबाग के एक निजी स्कूल से मुखिया गिरोह द्वारा प्राप्त किया गया था। जांचकर्ताओं को पटना के एक सुरक्षित घर से आंशिक रूप से जला हुआ प्रश्न पत्र बरामद हुआ है। उन्होंने पेपर का राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा प्रदान किए गए संदर्भ प्रश्न पत्र से मिलान किया है, जिससे पेपर लीक की पुष्टि होती है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET परीक्षा में अनुचित साधन अपनाने के लिए बिहार में 63 छात्रों को परीक्षा से बाहर कर दिया था। शनिवार को उसने गुजरात के गोधरा के 30 छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया। उसके बाद  17 और अभ्यर्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया है, जिससे जिन अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की गई उनकी कुल संख्या 110 हो गई है। एनटीए ने कहा, "प्राप्त जानकारी के आधार पर, बिहार के केंद्रों से परीक्षा देने वाले 17 उम्मीदवारों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया। इससे इस साल परीक्षा से वंचित किए गए कुल उम्मीदवारों की संख्या 110 हो गई है।" 
 

शिक्षा मंत्रालय ने सीबीआई से उम्मीदवारों, संस्थानों और बिचौलियों द्वारा साजिश, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, विश्वास का उल्लंघन और सबूतों को नष्ट करने सहित कथित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला की व्यापक जांच करने को कहा है। वे लोक सेवकों की संभावित भूमिका की भी जांच करेंगे।

इस बीच, परीक्षा सुधारों पर सुझाव देने और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित केंद्र सरकार का उच्च स्तरीय पैनल सोमवार को बैठक करेगा। इसका नेतृत्व इसरो के पूर्व प्रमुख के राधाकृष्णन कर रहे हैं।

NEET-UG मुद्दे पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीतारम का कहना है, "पूरे मुद्दे ने छात्रों को बहुत पीड़ा पहुंचाई है। भारत सरकार अच्छी तरह से जानती है कि छात्रों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इसे देखते हुए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।"  हम इस परीक्षा को उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और शुचिता के साथ आयोजित करना चाहते हैं। छात्रों को आश्वस्त करने के लिए एनटीए प्रमुख को बदल दिया गया है, जल्द ही पुन: परीक्षा आयोजित की जाएगी।

प्रोफेसर ने दुख व्यक्त किया और कहा कि जो हुआ है इससे आपको उम्मीद नहीं खोनी चाहिए और सिस्टम में विश्वास रखना चाहिए। एनटीए की संरचना और प्रक्रियाओं को देखने के लिए एक समिति का गठन किया गया है... मैं छात्रों से सिस्टम में विश्वास रखने की अपील करता हूं। इस मुद्दे को देखने के लिए टीम नियुक्त की गई है...सीबीआई ने एनईईटी (यूजी) और यूजीसी-नेट दोनों परीक्षाओं को पंजीकृत किया है... एआईसीटीई और यूजीसी एनटीए का हाथ थामेंगे और उन्हें देश भर में परीक्षा आयोजित करने में मदद करेंगे। ।" 

(इनपुट-पीटीआई, एएनआई)

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