7 मई की रात पाकिस्तान के आतंकियों के लिए काल बन कर आई। पाकिस्तान और पाकिस्तानी अधिकृत कश्मीर में कई जगहों पर आतंकी ठिकाने उड़ा दिए गए हैं। भारती सेना ने मिसाइल हमले का आधिकारिक ऐलान कई घंटों पहले ही कर दिया और बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तौर पर ये जवाबी कार्रवाई की गई है। भारत ने साफ कर दिया है कि 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के ट्रेनिंग कैंप और मुख्यालय भी उड़ाए गए हैं। इन ठिकानों में भिम्बेर का नाम भी शामिल है। भिम्बेर पाकिस्तान में है या पीओके में ये आपको बताते हैं।
कहा हैं भिम्बेर
भिम्बेर पीओके में आता है। भिम्बेर जिला पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का प्रमुख शहर है। यह पाकिस्तान और कश्मीर की सीमा के समीप से लगा हुआ है। भारत इसे अपना हिस्सा मानता है। भिम्बेर, मीरपुर से 48 किलोमीटर दूर है और श्रीनगर से इसकी दूरी 241 किलोमीटर है। यहाँ के अधिकतर लोग पंजाबी और डोगरी (पहाड़ी) भाषाए बोलते हैं। भिम्बेर की कुल आबादी 461000 है। भिम्बेर जिले की स्थापना 1996 में हुई थी। इससे पहले यह मीरपुर जिले का हिस्सा था। 1947 के पुंछ विद्रोह और 1947-1948 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भिम्बेर को आजाद कश्मीर विद्रोहियों ने अपने कब्जे में ले लिया था। 13वीं शताब्दी के आसपास कांगड़ा के शाही कटोच परिवार के वंशज राजा सुल्तान खान चिब भिम्बेर में आकर बसे थे।
इसे कहते हैं 'बाब-ए-कश्मीर'
भिम्बेर को कश्मीर का प्रवेश द्वार 'बाब-ए-कश्मीर' भी कहा जाता है। यही वजह है कि ये आतंकियों के लिए एक बड़ा हाइडआउट बना हुआ है। वो आसानी से यहां से कश्मीर में दाखिल होते हैं और अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देते हैं। इस इलाके में आतंकियों के कई ठिकाने हैं और कुछ ट्रेनिंग कैंप भी हैं, जहां आतंकियों भारत में घुसपैठ करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
भारत ने दिखाया संयम
बता दें, भारत की ओर से की गई कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और गैर-बढ़ावा देने वाली रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन के तरीके में काफी संयम दिखाया है।