प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी शुक्रवार से 5 देशों की यात्रा पर रवाना होने जा रहे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार पीएम मोदी की ये विदेश यात्रा 6 दिनों के लिए होगी और इस दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। आपको बता दें कि दुनिया भर में जारी तनाव और उथल-पुथल के बीच उनका ये दौरा अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद संबंधित देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।
सबसे पहले यूएई की यात्रा
पीएम मोदी सबसे पहले यूएई की यात्रा पर पहुंचेंगे। यहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेता ऊर्जा सहयोग, साथ ही दोनों देशों के हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पीएम मोदी की ये यात्रा भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
आपको बता दें कि यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 सालों में कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान उनके कल्याण पर भी चर्चा की जाएगी।
दूसरे चरण में नीदरलैंड की यात्रा
विदेश यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा करेंगे। बता दें कि इससे पहले पीएम 2017 में नीदरलैंड गए थे। यहां पीएम मोदी की मुलाकात राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से होगी। इसके साथ ही पीएम मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से भी बातचीत करेंगे। इस दौरान रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल पर रणनीतिक साझेदारी और सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। बता दें कि साल 2024-25 में भारत और नीदरलैंड का द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर था।
स्वीडन की यात्रा करेंगे पीएम
नीदरलैंड के बाद पीएम मोदी 17 से 18 मई तक दो दिनों के लिए स्वीडन की यात्रा करेंगे। पीएम मोदी ये यात्रा अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर कर रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी इससे पहले 2018 में स्वीडन गए थे। दोनों देशों के बीच 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर का है। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई और जन-संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।
पीएम करेंगे नॉर्वे की यात्रा
इसके बाद पीएम मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यहां दोनों देशों के नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। बता दें कि ये पीएम मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है। बीते 43 सालों में ये पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे की यात्रा करेंगे। यहां पीएम मोदी राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
इटली की यात्रा करेंग पीएम मोदी
5 देशों की यात्रा के आखिरी चरण में पीएम मोदी 19 से 20 मई तक इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर पीएम मोदी ये यात्रा कर रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की यात्रा की थी। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ वार्ता करेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा का मुख्य मकसद निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करना है। जानकारी के अनुसार, साल 2025 में भारत-इटली का द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। (इनपुट: भाषा)
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