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राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार 2023: जन्म से चल नहीं सकते आदित्य लेकिन सुरीली आवाज के फैन हैं PM मोदी...थपथपाई पीठ

 Reported By: Gonika Arora Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Jan 26, 2023 12:38 pm IST,  Updated : Jan 26, 2023 12:38 pm IST

केरल के 15 साल के आदित्य सुरेश हड्डी संबंधी विकार (बोन डिसऑर्डर) से पीड़ित है इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। वह बेहतरीन गायक है और उन्हें कला और संस्कृति के क्षेत्र में पुरस्कार मिला है।

aditya suresh sambhab mishra- India TV Hindi
आदित्य सुरेश और संभब मिश्रा को आर्ट एंड कल्चर कैटेगरी में अवॉर्ड मिला है। Image Source : TWITTER

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के अपनी जिंदगी में हासिल करने के लिए अलग अलग आकांक्षाएं और लक्ष्य हैं। इनमें से कोई मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना चाहती है तो कोई विलुप्त होती नृत्य शैलियों को बचाना चाहती है तो किसी को जीव विज्ञान में शोध करना है। इस साल कुल 11 बाल पुरस्कार दिए गए हैं। इनमें से 6 लड़कों को और पांच लड़कियों को पुरस्कृत किया गया है। ये 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। प्रत्येक विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये और प्रमाण पत्र दिया गया है।

जन्म से बोन डिसऑर्डर से ग्रसित हैं आदित्य

केरल के 15 वर्षीय आदित्य सुरेश हड्डी संबंधी विकार (बोन डिसऑर्डर) से पीड़ित है इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। वह बेहतरीन गायक है और एक स्थिर भविष्य के लिए सरकारी नौकरी भी करना चाहते हैं। उन्हें कला और संस्कृति के क्षेत्र में पुरस्कार मिला है। आदित्य ने चार साल की उम्र में ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था। परिवार और दोस्तों ने उसे प्रोत्साहित किया। अब तक वह 500 से ज्यादा इवेंट में परफॉर्म कर चुका हैं। संगीत से इन्होंने इतना लगाव रखा कि देश के प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी भी इनसे प्रभावित हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने आदित्य की तारीफ करते हुए कहा, “आदित्य सुरेश पर गर्व है, उन्होंने उल्लेखनीय साहस दिखाया है। उन्हें हड्डी की बीमारी का पता चला था लेकिन वह उन लोगों में से नहीं हैं जिनका मनोबल कम हो जाता है।उन्होंने गायन जारी रखा और अब एक प्रतिभाशाली गायक हैं। उन्होंने 500 से अधिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी है।''

देखें वीडियो-

चार किताबें लिख चुके हैं संभब
ओडिशा के संभब मिश्रा ने नामी प्रकाशनों में बड़े-बड़े लेख लिखे हैं। वह चार किताबें लिख चुके हैं और वेद, गीता, उपनिषद पढ़ते हैं। संभब सोसायटी के 200 साल के इतिहास में सबसे कम उम्र के फेलो हैं। इन्हें भी आर्ट एंड कल्चर कैटेगरी में अवॉर्ड मिला है। पीएम मोदी ने संभब को बधाई देते हुए ट्वीट किया है, “मेरे युवा मित्र संभब मिश्रा एक बहुत ही रचनात्मक युवा हैं। उन्होंने कई उत्कृष्ट लेख लिखे हैं और प्रतिष्ठित फैलोशिप भी अर्जित की हैं। मैं उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई देता हूं।”

विजेताओं से मिले PM मोदी
पीएम मोदी ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' विजेताओं की सराहना की है। उन्होंने विजेताओं से बातचीत की और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी धारणाओं से निपटने तथा बच्चों को होने वाली समस्याओं जैसे मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इन बच्चों को सुझाव दिया कि वे जीवन में आगे बढ़ने के साथ ही बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए आत्मविश्वास विकसित करें। पीएम और बच्चों की यह मुलाकात प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को स्मारिका प्रदान की और उनकी उपलब्धियों पर एक-एक से चर्चा की।

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