नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 14 महिलाएं और 25 लोग घायल हैं। ये सभी लोग नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में प्रयागराज के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए खड़े हुए थे। तभी वहां भगदड़ मच गई। भारत में पिछले कुछ सालों में भगदड़ के कई मामले सामने आए हैं। एक महीने के अंदर ही भगदड़ के दो मामलें आ गए, जो कि प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
29 जनवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान भगदड़ में 30 लोगों की जान चली गई। इसमें सैकड़ों लोग घायल भी हो गए। महाकुंभ मेले में ये हादसा 29 जनवरी के तड़के हुआ था, जब सभी लोग संगम नोज की तरफ नहाने के लिए जा रहे थे।
8 जनवरी, 2025 को दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक तिरुपति मंदिर में भगदड़ मचने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में 35 घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब हजारों हिंदू श्रद्धालु मुफ्त दर्शन पास हासिल करने के लिए वहां एकत्र हुए थे।
जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के एक धार्मिक कार्यक्रम में भगदड़ मची थी। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी थी, जिसमें लगभग 121 लोगों की जान चली गई थी। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।
जनवरी 2022 को जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी। कई अन्य घायल हो गए था। भक्तों की भारी भीड़ ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी तभी ये हादसा हो गया था।
अक्टूबर 2013 को मध्य प्रदेश के रतनगढ़ मंदिर में भगदड़ मचने से लगभग 115 लोगों की मौत हो गई थी। सौ से अधिक घायल हो गए थे। मंदिर में देवी दुर्गा की नौ दिवसीय पूजा-अर्चना के लिए 150,000 से अधिक लोग एकत्रित हुए थे।
फरवरी 2013 को उत्तर प्रदेश में कुंभ मेले के सबसे व्यस्त दिन प्रयागराज रेलवे स्टेशन में भगदड़ हो गई थी। इस हादसे में कम से कम 36 हिंदू तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी। मृतकों में 27 महिलाएं थीं, जिनमें एक आठ साल की बच्ची भी शामिल थी।
मार्च 2010 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर में भगदड़ हो गई थी। इस मंदिर में मुफ्त भोजन और कपड़े के लिए हुई भारी भीड़ के कारण भगदड़ हुई थी। इस हादसे में 63 लोगों की जान चली गई थी। इसमें अधिकतर बच्चे शामिल थे।
सिंतबर 2008 को राजस्थान के चामुंडागर मंदिर में नवरात्रि के दौरान भगदड़ हो गई थी। इस दौरान भारी संख्या में तीर्थयात्री इकट्ठा हुए थे। भगदड़ के दौरान 250 लोगों की कुचलकर मौत हो गई थी।
अगस्त 2008 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की एक मंदिर में भगदड़ हो गई थी। पहाड़ी की चोटी पर स्थित नैना देवी मंदिर में भूस्खलन की अफवाह के कारण मची भगदड़ में लगभग 145 हिंदू तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए थे।
जनवरी 2005 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के वाई शहर में भगदड़ हो गई थी। वाई शहर में स्थित मंधारदेवी मंदिर में भगदड़ मचने से करीब 265 हिंदू श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। ये भगदड़ मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों में फिसलन भरी होने के कारण मची थी।
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