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VIDEO: सरकारी स्कूल के बाहर पैरेंट्स की लंबी लाइनें, आखिर क्यों बढ़ रही इस स्कूल की डिमांड? जानिए खासियत

 Reported By: T Raghavan, Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Apr 07, 2026 09:59 am IST,  Updated : Apr 07, 2026 12:16 pm IST

सरकारी स्कूल में बच्चों के एडमिशन के लिए राज्यभर से लोग पहुंचे हुए हैं। सुबह से गेट पर लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। हर एक पैरेंट्स यहीं चाहते हैं कि उनके बच्चे का एडमिशन इस सरकारी स्कूल में हो जाए।

बच्चों के एडमिशन के लिए पैरेंट्स की लंबी-लंबी लाइनें- India TV Hindi
बच्चों के एडमिशन के लिए पैरेंट्स की लंबी-लंबी लाइनें Image Source : REPORTER INPUT

तेलंगाना के नलगोंडा से हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं है। एक सरकारी स्कूल में एडमिशन के लिए पैरेंट्स लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आए। एडमिशन के मामले में ये सरकारी स्कूल शहर के नामी गिरामी प्राइवेट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहा है। इसके पीछे की वजह है, स्कूल को बेहद ही हाईटेक बनाया गया है। 

धक्का-मुक्की करते दिखे पैरेंट्स

स्कूल में AI क्लासरूम हैं। पूरे कैंपस में एसी लगी हुई है। इन्हीं सब कारणों के चलते तेलंगाना के सरकारी स्कूल में अपने बच्चों के एडमिशन के लिए माता-पिता की लम्बी लाइनों में खड़े हैं। पहली बार  सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए पेरेंट्स को धक्का-मुक्की करते देखा गया है।
 

सबसे ज्यादा डिमांड वाला सरकारी स्कूल

सोमवार सुबह से ही नलगोंडा के बोट्टुगुडा में स्थित कोमाटिरेड्डी प्रतीक सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूल के गेट के बाहर लंबी कतारें लग गईं। माता-पिता और छात्र बड़ी संख्या में कतार में खड़े हो गए, इस उम्मीद में कि उन्हें राज्य के इस सबसे ज्यादा डिमांड वाले सरकारी स्कूल में मौजूद सीमित सीटों में से एक मिल जाए।
 
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि न सिर्फ पूरे नलगोंडा जिले से, बल्कि आस-पास के जिलों से भी दाखिले के लिए आवेदन आने लगे। इसके चलते स्कूल प्रशासन अगले शैक्षणिक सत्र से प्रवेश परीक्षा कराने पर विचार कर रहा है।
कोमाटिरेड्डी प्रतीक सरकारी स्कूल
Image Source : REPORTER INPUTकोमाटिरेड्डी प्रतीक सरकारी स्कूल

8 करोड़ रुपये की ज्यादा की लागत से बना स्कूल 

 
इस सरकारी स्कूल का पुनर्निर्माण तेलंगाना के मंत्री और स्थानीय विधायक कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने 'कोमाटिरेड्डी प्रतीक फ़ाउंडेशन' के जरिए 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से करवाया है। यह स्कूल अब एक खस्ताहाल सरकारी स्कूल से बदलकर 2,500 वर्ग गज में फैला एक आधुनिक, कॉर्पोरेट-शैली का शैक्षणिक परिसर बन गया है।
 
36 पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, AI-सक्षम स्मार्ट शिक्षण, कंप्यूटर लैब और एक डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं के साथ, यह स्कूल ऐसी सुविधाएँ दे रहा है, जो आमतौर पर सरकारी संस्थानों में कम ही देखने को मिलती हैं।

 

अंग्रेजी और उर्दू में पढ़ाई

 
छात्रों को स्मार्ट क्लासरूम, AI-सहायता प्राप्त शिक्षण उपकरणों, कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल लैब के ज़रिए पढ़ाया जाता है। स्कूल अंग्रेजी और उर्दू में द्विभाषी शिक्षण शुरू करने की भी योजना बना रहा है। जिसके लिए फाउंडेशन के जरिए उच्च योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
 

जानिए स्कूल की खूबियां

 
माता-पिता को आकर्षित करने वाली मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:
• 36 पूरी तरह से वातानुकूलित क्लासरूम
• डिजिटल बोर्ड और AI-आधारित शिक्षण वाले स्मार्ट क्लासरूम
• विशेष कंप्यूटर और डिजिटल शिक्षण लैब
• सुसज्जित लाइब्रेरी और गतिविधि कक्ष
• विशाल खेल का मैदान और खेलकूद की सुविधाएँ
• पोषक तत्वों से भरपूर मध्याह्न भोजन
• अंग्रेज़ी और उर्दू में द्विभाषी शिक्षण
• पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, रचनात्मकता और जीवन कौशल पर भी समान ज़ोर
 

नहीं लगता सरकारी स्कूल जैसा 

माता-पिता का कहना है कि यह स्कूल अब महंगे निजी स्कूलों के बराबर और कुछ मामलों में उनसे भी बेहतर सुविधाएं दे रहा है। वह भी बिना भारी फ़ीस के बोझ के ये सारी सुविधाएं मिल रही हैं। कतार में इंतजार कर रहे एक अभिभावक ने कहा, 'यह किसी सरकारी स्कूल जैसा नहीं लगता। यह किसी कॉर्पोरेट स्कूल या यहां तक कि किसी विश्वविद्यालय जैसा लगता है।' इस जबरदस्त प्रतिक्रिया को तेलंगाना में सरकारी शिक्षा के प्रति बढ़ते भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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