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शेर-शेरनी का नाम 'अकबर-सीता' रखने वाले अफसर पर गिरी गाज, हाई कोर्ट ने भी लताड़ा

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Feb 26, 2024 12:18 pm IST,  Updated : Feb 26, 2024 12:22 pm IST

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने विचार किया कि क्या जानवरों के नाम देवताओं, पौराणिक हस्तियों, स्वतंत्रता सेनानियों या नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम पर रखना उचित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे विवादों से बचा जाना चाहिए।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FILE

अगरतलाः त्रिपुरा के एक चिड़िया घर में शेर-शेरनी का नाम अकबर-सीता रहने वाले अफसर को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। नाम रखने को लेकर हुए विवाद के बीच सरकार ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव और पारिस्थितिक पर्यटन) प्रबीन लाल अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। यह निलंबन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की ओर से कलकत्ता उच्च न्यायालय में की गई एक शिकायत के बाद किया गया,जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये नाम धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं।

बंगाल सफारी से त्रिपुरा लाए गए थे बाघ

मिली जानकारी के अनुसार, ये  12 फरवरी को त्रिपुरा के सिपाहीजला प्राणी उद्यान में पांच साल के बाद दो बाघों को लाया गया था। ये बाघ उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी में बंगाल सफारी से पशु आदान प्रदान कार्यक्रम के तहत लाए गए थे। 

विहिप ने हाई कोर्ट में अपील की

विहिप ने हाई कोर्ट की बेंच के समक्ष एक याचिका दायर की, जिसमें नामों में बदलाव का आग्रह किया गया। याचिका में कहा गया कि इससे हिंदू धर्म की भावनाएं आहत होती हैं। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने दोनों जानवरों के लिए चुने गए नामों पर अपनी अस्वीकृति व्यक्त की।

हाई कोर्ट ने भी लगाई फटकार

मौखिक टिप्पणी में कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच ने कहा कि विवाद को रोकने के लिए शेरनी और शेर का नाम "सीता" और "अकबर" रखने के निर्णय से बचना चाहिए था। कोर्ट ने यह सवाल करते हुए कि क्या शेर का नाम स्वामी विवेकानंद या रामकृष्ण परमहंस जैसी शख्सियतों के नाम पर रखा जा सकता है। पीठ ने सिफारिश की कि पश्चिम बंगाल चिड़ियाघर प्राधिकरण पुनर्विचार करे और विवेकपूर्ण तरीके से दोनों जानवरों का नाम बदले।

हाई कोर्ट की बेंच ने पूछे तीखे सवाल

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने विचार किया कि क्या जानवरों के नाम देवताओं, पौराणिक हस्तियों, स्वतंत्रता सेनानियों या नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम पर रखना उचित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे विवादों से बचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा,विवाद पैदा करने वाला यह नाम किसने दिया है? मैं सोच रहा था कि क्या किसी जानवर का नाम किसी भगवान, किसी पौराणिक नायक, स्वतंत्रता सेनानी या नोबेल पुरस्कार विजेता के नाम पर रखा जा सकता है। आपको एक शेर और एक शेरनी का नाम अकबर और सीता रखकर विवाद क्यों खड़ा करना चाहिए?”

बता दें कि अकबर भारत में मुगल साम्राज्य का एक प्रमुख मुस्लिम शासक था। जबकि हिंदू महाकाव्य रामायण के अनुसार, सीता को भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम की पत्नी के रूप में मान्यता प्राप्त है। सीता को हिंदू धर्म के लोग माता कहकर पुकारते हैं।

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