वाशिम: पद्मतीर्थ क्षेत्र में स्थित प्राचीन श्री पद्मेश्वर मंदिर में उत्तर भारतीयों द्वारा श्रावण महीने के दूसरे सोमवार के अवसर पर 5 लाख 51 हजार रुपये की चलन में प्रचलित नोटों से भव्य श्रृंगार किया गया। इस खास श्रृंगार में ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200 और ₹500 की नोटों के साथ-साथ कुछ सिक्कों का भी उपयोग किया गया। पूरी पिंडी को इन रंग-बिरंगी नोटों से सजाया गया, जिससे मंदिर परिसर में एक अद्भुत दृश्य बना। इस अनोखे श्रृंगार और श्री पद्मेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दर्शन के बाद श्री पद्मेश्वर की महाआरती भी बड़े भक्ति भाव से संपन्न हुई।
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मंदिर समिति के अनुसार, इस श्रृंगार का उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच भक्ति, श्रद्धा और एकता की भावना को और मजबूत करना है। आयोजन में भक्तों का उत्साह देखने लायक था। वैसे तो शिवालयों में प्रतिदिन शिवलिंग का श्रृंगार होता ही है। सावन के समय में भगवान शिव की सजावट करने की एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जो भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
भगवान शंकर की होती है खास सज्जा
सावन के महीने में, विशेषकर प्रत्येक सोमवार को, शिवलिंग की पूजा और सजावट का विशेष महत्व है। शिवलिंग को चंदन, भस्म, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल और शमी पत्रों से सजाया जाता है और यह श्रृंगार भगवान शिव की महिमा और शक्ति का प्रतीक है। श्रद्धालु पूरे भक्ति-भाव से इस पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं और भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति प्रकट करते हैं। सुबह और शाम की आरती के समय शिव की पूरी सज्जा की जाती है।
रिपोर्टर : इमरान खान,वाशिम