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भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति नहीं, मिलेगी खुली जगह

 Reported By: Atul Bhatia Written By: Malaika Imam
 Published : Jul 14, 2026 01:52 pm IST,  Updated : Jul 14, 2026 02:24 pm IST

भोजशाला विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए भोजशाला साइट से सटी खुली जगह उपलब्ध कराई जाएगी।

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई।- India TV Hindi
भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई। Image Source : PTI

मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि भोजशाला साइट से सटी खुली जगह मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फिलहाल हम दोनों पक्षों के अधिकारों का ख्याल रखते हुए आवेदक पक्ष को एक ओपन स्पेस मुहैया कराने का निर्देश राज्य सरकार को देते हैं, ताकि वो 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा कर सकें। कोर्ट ने कहा कि इसकी व्यवस्था की जाए और प्रबंधन किया जाए।

धार भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, ASI, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस समेत अन्य हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए भोजशाला कॉम्प्लेक्स के पास एक अलग खुली जगह दी जानी चाहिए। अब भोजशाला मामले में तीन हफ्ते बाद सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?

  1. भोजशाला परिसर के भीतर शुक्रवार को नमाज़ अदा करने पर लगी रोक फिलहाल लागू रहेगी।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है।
  3. हालांकि, हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज़ अदा करने के लिए भोजशाला परिसर के पास एक अलग स्थान (नामित क्षेत्र) आवंटित करने के आदेश दिए गए हैं।
  4. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) बिना पूर्व अनुमति के परिसर में कोई भी ढांचागत या संरचनात्मक बदलाव नहीं करेगा।
  5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस चरण में ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे कानून-व्यवस्था में कोई व्यवधान या गड़बड़ी पैदा हो।
  6. दोनों पक्षों को इस संवेदनशील मामले में संयम बरतने की सलाह दी गई है।

हाई कोर्ट ने क्या फैसला दिया था?

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 15 मई को फैसला सुनाते हुए कहा था कि विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर है। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय को इस स्थान पर शुक्रवार की नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।

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