Waqf Amendment Bill Live Update: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर आज दिन भर चर्चा चली और आखिरकार आधी रात के बाद यह पास हो गया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया था। इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय रखा गया था लेकिन सदन की सहमति के बाद इसे आगे बढ़ा दिया गया। सरकार की तरफ से चर्चा का जवाब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने दिया। किरेन रिजीजू के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर वोटिंग हुई और फैसला सरकार के पक्ष में आया। इससे पहले सत्तारूढ़ दल बीजेपी ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी कर आज सदन में मौजूद रहने को कहा था। इसी तरह से TDP, JDU, RLD ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया था।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 बुधवार को दिनभर चली चर्चा के बाद लोकसभा में पारित हो गया। आधी रात के बाद हुई वोटिंग में इस बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े।
विपक्ष द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ लाए गए संशोधन एक के बाद एक सदन में गिर गए। इन संशोधनों में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, इमरान मसूद, टीएमसी के सौगत रॉय और AIMIM के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी के संशोधन शामिल थे।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर दिनभर चली चर्चा के बाद वोटिंग शुरू हो गई है। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी।
वक्फ बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, 'कलेक्टर को विरोधी जैसा बताया गया। कलेक्टर पर सवाल उठाने से अच्छा था कि सुझाव देते। बिना तर्क के किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। कलेक्टर किसी पार्टी का नहीं होता, वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाता है। वक्फ बिल पूरी तरह संवैधानिक है।'
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, 'वक्फ (संशोधन) विधेयक एक ऐसा हथियार है जो मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों तथा संपत्ति अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से लाया गया है। आरएसएस, बीजेपी और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों पर केंद्रित है, लेकिन भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने का मिसाल कायम करता है। कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का कड़ा विरोध करती है क्योंकि यह भारत के मूल विचार पर हमला करता है और संविधान के अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार, का उल्लंघन करता है।'
वक्फ बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, 'चर्चा के लिए सभी सदस्यों का आभार है। इस बिल पर सभी सदस्यों ने अपनी बात रखी। वक्फ बिल को जबरदस्ती असंवैधानिक बोला जा रहा है। जो नहीं समझना चाहते, उनको मैं नहीं समझा सकता।'
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति यानी कि JPC के अध्यक्ष रहे बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'विपक्ष को जेपीसी में बोलने का पूरा मौका मिला। सरकार ने जेपीसी के सारे सुझाव माने हैं और विचार विमर्श के बाद बिल लाया गया। असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़कर संविधान का मजाक उड़ाया है।'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने X पर पोस्ट किया, 'लोकसभा में जल्द ही वक्फ संशोधन बिल पर वोटिंग होगी। महाराष्ट्र को जल्द ही पता चल जाएगा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचार या फिर राहुल गांधी के विचारों का समर्थन करती है!'
वक्फ बिल पर जारी चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'वक्फ बिल मुसलमानों के साथ अन्याय है। इससे वक्फ की जायदाद पर सरकारी कब्जा बढ़ेगा। अब अफसर वक्फ की प्रॉपर्टी का फैसला करेगा। इस बिल से मुसलमानों की गरीबी दूर नहीं होगी।'
अमित शाह ने लोकसभा में कहा, 'वक्फ का कानून दान के लिए किसी द्वारा दी हुई संपत्ति, उसका एडमिनिस्ट्रेशन अच्छे से चल रहा है या नहीं, कानून के हिसाब से चल रहा है या नहीं। या तो दान जिस चीज के लिए दिया जा रहा है, इस्लाम धर्म के लिए दिया है, गरीबों के उद्धार के लिए दिया गया है। उसके उद्देश्य के लिए उपयोग हो रहा है या नहीं हो रहा है। इसका नियमन करने का काम है।'
अमित शाह ने लोकसभा में कहा, 'वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ। गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में सभी तर्क वक्फ में हस्तक्षेप के बारे में हैं। सबसे पहले, कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा। इसे स्पष्ट रूप से समझें। धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है। हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं । यह एक बहुत बड़ी गलत धारणा है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा। यह गलत धारणा अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है। मैं आज यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि वक्फ, जो हमारे मुस्लिम भाइयों द्वारा धार्मिक गतिविधियों के लिए दान के माध्यम से बनाया गया एक ट्रस्ट है, उसमें सरकार द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। मुतवल्ली उनके समुदाय से होगा, वाकिफ उनका होगा और वक्फ भी उनका होगा।'
अमित शाह ने कहा कि 2014 में चुनाव के दौरान रेलवे की भूमि को वक्फ के नाम पर घोषित कर दिया गया था और गांवों पर भी वक्फ ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि इसके अलावा तमिलनाडु में 1500 साल पुराने मंदिर की जमीन पर भी वक्फ ने कब्जा कर लिया था।
अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष पर बरसते हुए कहा, 'विपक्ष देश को तोड़ने का काम कर रहा है। वक्फ में मिलीभगत नहीं चलेगी। हम गरीब मुसलमानों का पैसा चोरी नहीं होने देंगे। वक्फ ने प्रॉपर्टी को लीज पर प्राइवेट लोगों को दिया।'
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'विरोधी वोट बैंक के लिए मुसलमानों को बहका रहे हैं। वक्फ बिल को लेकर अफवाह फैलाई गई है। वक्फ का मतलब चैरिटी से है। किसी और की संपत्ति इसमें दान नहीं कर सकते। वोट बैंक के लिए मुस्लिमों को भड़काया जा रहा है।'
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'यह विधेयक नहीं बल्कि एक उम्मीद है। इस उम्मीद में एंपावरमेंट, एफिशिएंसी और डेवलपमेंट है। इसे देखते हुए देश की जनता इसका समर्थन कर रही है। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसी कई संस्थाओं ने इसका समर्थन किया है। मैं इसके लिए उनका आभार प्रकट करता हूं। वक्फ में संशोधन करने का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसे खत्म करने और इसमें संशोधन करने का समय आ गया है। भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था 'खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही।'
बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में बोलते हुए कहा, 'वक्फ के नाम पर देश को बंटने नहीं देंगे। कांग्रेस बिल के खिलाफ भ्रम फैला रही है। वक्फ को बदलने का वक्त आ गया है। भारत को इसके खौफ से आजादी चाहिए। वक्फ सिर्फ 200 लोगों के हाथों में है और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।'
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन बिल का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने लोकसभा में कहा, 'वक्फ का मतलब नहीं समझने वाले आज बोल रहे हैं। मुसलमान वक्फ को समझता है, जानता है।'
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'वक्फ बोर्ड का जो बिल आया है, हम उसका समर्थन करते हैं। मुस्लिम महिलाओं को फिर एक बार वक्फ बोर्ड में भी जगह देने का काम इस बिल ने किया है। यह बिल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है। जो गलतियां हुई थीं, उनको सुधारने वाला यह बिल है।'
शिवसेना (यूबीटी) ने बिल पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हमें हिंदुत्व न सिखाए।
JDU नेता ललन सिंह ने लोकसभा में अपनी पार्टी की तरफ से वक्फ बिल का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ये बिल मुस्लिम विरोधी नहीं है, और JDU बिल के पक्ष में वोट करेगी। उन्होंने कहा कि वक्फ बिल में सभी लोगों के साथ न्याय हुआ है।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'विपक्ष तुष्टीकरण की नीति के कारण विरोध कर रहा है। वक्फ बोर्ड में लाखों मुसलिम भाइयों के केस लंबित हैं। वक्फ बोर्ड में हो रहे संशोधन से मुसलिम भाइयों को फायदा होगा। कुछ लोगों ने पूरे देश में वक्फ बोर्ड पर कब्जा कर रखा है। उस ताकत से मुक्ति के लिए ये बिल लाया गया है। इससे सर्वाधिक लाभ मुसलिम समाज को मिलेगा।' (ANI)
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मथुरा में कहा, 'जब में उत्तर प्रदेश में मंत्री था, तब वक्फ विभाग मेरे पास था। वहां 90% मुकदमे के सिवाय कुछ नहीं है। मथुरा में जितने वक्फ हैं, उसमें समाज के लिए कोई काम हो रहा है? एक जमीन पर कई मुकदमे हैं जिसका निदान होना चाहिए। गरीबों को इससे कोई फायदा नहीं पहुंच रहा है। आज वक्फ पर बड़े लोगों का कब्जा है।'
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से प्रस्तावित वक्फ विधेयक 2024 को पूरी तरह वापस लेने का आग्रह किया।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि वक्फ की संपत्ति मुस्लिमों के लिए बैकबोन है। वक्फ संशोधन बिल के जरिए बदलाव इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिमों के अधिकारों को छिनने का प्रयास है जो असंवैधानिक है। कल्याण बनर्जी ने एक-एक क्लॉज का जिक्र किया और यह समझाने की कोशिश की कि किस तरह से यह संविधान का उल्लंघन है।
टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार यह बिल लाकर गलत कदम उठा रही है। यह अल्पसंख्य समुदायों के लिए ठीक नहीं है। सरकार को इस बिल को वापस लेना चाहिए। टीएमसी वक्फ संशोधन बिल का पुरजोर विरोध करती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल बीजेपी के वाटर लू साबित होगा। बीजेपी के मंत्री जी कोई उम्मीद लेकर नहीं आए। यह सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। बीजेपी मुस्लिमों में भी बंटवारा करना चाहते हैं।
बीजेपी उन समर्थकों का तुष्टिकरण करना चाहती है जो महंगाई और बेरोजगारी के चलते उनसे छिटक गए। ये वोट को संभालने के लिए बिल लाया गया है। वक्फ बिल के जरिए उनकी जमीनों को अपने लोगों के नाम करना चाहती है। वोटों का ध्रवीकरण कर के राजनीतिक लाभ लेना चाहती है बीजेपी।
वक्फ बिल के पीछे न तो नीति सही है और न नीयत। देश के करोड़ों लोगों के घर और दुकान को बीजेपी सरका छीनना चाहती है। जब देश के अधिकांश दल इसके विरोध में हैं तो फिर वह इस बिल को क्यों लाना चाहती है?
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल सरकार की नाकामियों पर पर्दा है। जिसके लिए फैसला लेना है उसकी बात को महत्व नहीं देना भी गलत है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी संपत्ति है। मुतवल्ली उसको मैनेज करता है। वक्फ की संपत्ति के नाम पर लूट हो और हम बस चुपचाप देखते रहें। केरल का क्रिश्चियन समाज क्यों चाहता है कि वक्फ बिल जल्दी लागू हो.. जर इस पर भी विचार कीजिए।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्या मुस्लिमों के आदर्श वोटों के सौदागर होंगे? उन्होंने कहा कि नहीं मौलाना आजाद, अब्दुल कलाम आजाद, अब्दुल हमीद, अश्फाक उल्ला खान आदर्श होंगे। मोहम्मद शमी फास्ट बॉलिंग करके आउट करता है तो पूरा देश खुश होता है।
वक्फ की 8 लाख संपत्ति है। इन संपत्तियों पर कितने अस्पताल बने, कितने स्कूल बने, वक्फ की कितनी संपत्ति का इस्तेमाल महिलाओं के उत्थान के लिए किया गया? अगर इस कानून के द्वारा अगर वक्फ की संपत्ति को रेगुलेट करके सही इस्तेमाल करे तो विरोध क्यों? दरअसल, हमारे विपक्षी दिल से चाहते हैं कि संशोधन हो लेकिन राजनीतिक मजबूरी पैर पीछे खींचती है।
अगर वक्फ की जमीन लूटी और हड़पी जा रही है तो संविधान की धारा 25 यह अधिकार देता है कि इस संबंध में कानून बनाया जाता है। वक्फ धार्मिक संस्था नहीं है। वह सिर्फ एक वैधानिक संस्था है।
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुझे तो समझ नहीं आ रहा कि विपक्ष के मित्र कहना क्या चाहते हैं? वक्फ बिल में संशोधन होना चाहिए और नहीं भी होना चाहिए.. दोनों तर्क कैसे चलेगा? भारत के संविधान के मौलिक अधिकार में धारा 15 है, जिसमें लिखा है कि महिलाओं के साथ कोई भेद नहीं होगा और अगर सरकार नए बिल में महिलाओं के अधिकार के लिए कानून ला रही है तो सरकार का यह कदम गैर संवैधानिक कैसे हो गया?
हम संशोधन के विपक्ष में नहीं हैं। संशोधन ऐसा हो जिससे ये बिल और ताकतवर हो। इन्होंने जो संशोधन लाए हैं। उससे मसले और बढ़ेंगे। सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है। ये देश में भाईचारे के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। राज्य सरकार की अनुमति से बोर्ड को कुछ नियम बनाने की इजाजत थी जिसे ये पूरा का पूरा हटा रहे हैं। सरकार वक्फ बोर्ड को कमजोर करना चाहती है।
ये केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। पुराने कानून में बोर्ड में दो महिलाओं को रखने, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को लेकर प्रावधान है। लेकिन ये लोग नए बिल के नाम पर केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। इनकी मंशा कुछ और है। एक विशेष समाज की जमीन पर इनकी नजर है। कल दूसरे समुदायों की जमीन पर नजर जाएगी।
कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल संविधान के मूल अधिकार और संघीय ढांचे पर आक्रमण है। इसका उद्देश्य संविधान को कमजोर करना, भ्रम फैलाना, अल्पसंख्यकों को बदनाम करना और भारतीय समाज को बांटना है।
रिजिजू ने कहा कि इस बिल का विरोध करनेवाले पश्चताप करेंगे। पीएम मोदी ने हमारे जैसे साधारण कार्यकर्ता इतने बड़े काम (वक्फ बिल संशोधन को सदन में रखने) के योग्य समझा। रिजिजू ने आखिर में मेरी हिम्मत को तो सराहो मेरे हमराही बनो... मैंने एक शमां जलाई है हवाओं के खिलाफ
रिजिजू ने कहा कि वक्फ ट्रिब्यूनल में दो नहीं तीन मेंबर होगा। 6 साल का कार्यकाल होगा। अगर वक्फ ट्रिब्यूनल में आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो आप अदालत जा सकते हैं, ऐसा प्रावधान नए बिल में किया गया है। सेक्शन 40 के तहत किसी भी जमीन को वक्फ की प्रॉपर्टी घोषित कर सकते हैं। इसकी वजह से कई मुद्दे देश में उभरकर सामने आए।
किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ का मामला धर्मिक व्यवस्था से जुड़ा नहीं है। यह प्रॉपर्टी के संरक्षण का मामला है। सरकार चाहती है कि वक्फ बोर्ड का मैनेजमेंट सुचारू तरीके से चले। जो प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड है उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। किसी के जमीन छीनने का कानून नहीं है।
किरेन रिजिजू ने कहा कि यूपीए सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिये इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था, इसलिए नये संशोधनों की आवश्यकता पड़ी
किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी भारत में है फिर भी हमारा मुसलमान गरीब क्यों है? क्यों मुसलमान शिक्षा से वंचित है, क्यों उनके पास रोजगार नहीं है? धर्म जाति से बाहर उतरकर के दिल से सोचिए। सदियों तक देश याद रखेगा कि कौन लोग इस बिल का समर्थन कर रहे थे और कौन लोग विरोध में खड़े थे। गरीब मुसलमानों के लिए वक्फ में संशोधन करना पड़ेगा।
किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि सरकार किसी भी धर्म में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती, हम मस्जिदों के मैनेजमेंट में दखल नहीं देना चाहते। रिजिजू ने कहा कि यह मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है, ये बस एक संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा विषय है। अगल कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं? हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं। इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है। रिजिजू ने बताया कि वक्फ बोर्ड में कौन-कौन रहेगा
किरेन रिजिजू ने अपने भाषण के दौरान कुछ पुराने दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद की बिल्डिंग पर भी वक्फ ने क्लेम किया। किरेन रिजिजू ने कहा कि हम संशोधन नहीं लाते तो जिस जगह हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती. यूपीए की सरकार होती तो पता नहीं कितनी संपत्तियां डिनोटिफाई होतीं। इस पर विपक्ष की तरफ से आपत्ति जताई गई। रिजिजू ने कहा कि मैं दस्तावेजों के आधार पर कह रहा हूं। यूपीए के वक्त 123 संपत्तियां वक्फ को दी गईं।
किरेन रिजिजू ने कहा-'हम पुराने बिल को सुधार करके ला रहे हैं तो विपक्ष को आपत्ति हो रही है। आप खुले मन से इस पर सोचिए। जिन चीजों का इस बिल से कोई लेना-देना नहीं है, उन बातों को उठाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।'
किरेन रिजिजू ने कहा कि संसदीय इतिहास में इतनी चर्चा किसी बिल को लेकर नहीं हुई जितनी वक्फ संशोधन बिल को लेकर हुई। उन्होंने कहा कि ज्वाइंट कमेटी में शामिल सभी सदस्यों को धन्यवाद देना चाहता हूं। 97 लाख से ज्यादा सुझाव आए हैं। कभी भी किसी बिल पर इससे ज्यादा सुझाव नहीं आए थे।
रिजिजू ने कहा कि विरोध करनेवालों के हृदय में बदलाव होगा। उम्मीद है विपक्ष भी समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि यह बिल कोई नया विषय नहीं है। यह अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया
कांग्रेस के सांसद वेणुगोपाल ने कहा कि सांसदों पर वक्फ संशोधन बिल पढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। इस पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि सबको पर्याप्त समय दिया गया है। वहीं कांग्रेस ने नियमों के खिलाफ वक्फ संशोधन बिल लाने का आरोप लगाया। इसका जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया और कहा कि नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।
लोकसभा में कुछ देर में वक्फ संशोधन बिल पेश होगा। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू इस बिल को सदन के पटल पर रखेंगे। चर्चा के लिए 8 घंटे का समय रखा गया है।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 आज लोकसभा में पेश किए जाने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "हमारी पार्टी इसका विरोध करेगी। जिन लोगों के लिए यह बिल लाया जा रहा है उनकी ही बातों को अहमियत ना देना, इससे बड़ी नाइंसाफी क्या होगी? "उन्होंने आगे कहा, "भाजपा तो वह दल है जिसे जमीन से बहुत प्यार है। उन्होंने रेलवे को बेचा, डिफेंस की जमीन बेची और अब वक्फ की जमीनें बेची जाएंगी। यह सब अपनी असफलताओं को छिपाने की एक योजना है... हमारे मुख्यमंत्री तो कहते हैं कि राजनीति उनका पार्ट टाइम जॉब है तो दिल्ली वाले ऐसे पार्ट टाइम नौकरी वाले लोगों को हटाते क्यों नहीं है?"
JDU सांसद संजय झा ने वक्फ संशोधन बिल पर कहा, " नीतीश कुमार का 19 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है बिहार में काम करने का। जब नीतीश कुमार सत्ता में आए तब पहली बार भागलपुर दंगे के पीड़ितों को न्याय मिला था। इस बिल के लिए गठित JPC में हमारी पार्टी के सदस्य रहे। हमारे लोगों ने पटना में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और अपनी बातों को JPC के सामने रखी है। मुझे लगता है कि बिल में जरूर हमारे सुझावों को समायोजित किया गया है।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, "संसद में हम लोग बताएंगे कि वक्फ पर JDU का क्या स्टैंड है। JDU और नीतीश कुमार को धर्मनिरपेक्ष की परिभाषा कांग्रेस से समझने की जरूरत नहीं है।"
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि अब मुसलमानों की प्रॉपर्टी छीनने का काम होगा। मुसलमानों पर इससे बड़ा जुल्म नहीं। इमरान मसूद ने कहा कि इस बिल के पास होने से मुसलमानों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलेगा।
कांग्रेस पार्टी को चर्चा के लिए 90 मिनट मिलने की संभावना है। पार्टी की ओर से कुल 7 नेता बोलेंगे। गौरव गोगोई बहस की शुरुआत करेंगे।
JD(U) नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "जहां तक JDU का सवाल है, JPC की बैठकों के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जो सुझाव दिए गए थे, उनमें से ज्यादातर को शामिल किए जाने की सूचना है। इसलिए पार्टी की ओर से सांसदों को व्हीप जारी किया गया है कि संसद की कार्यवाही के दौरान सदन में रहना है और सरकार के पक्ष में मतदान करना है।"
राज्यसभा MP कपिल सिब्बल ने कहा, "आज तय हो जाएगा कि इस देश में कौन सी पार्टी धर्मनिरपेक्ष है। बिहार में चुनाव है, अगर जेडीयू ने बिल के पक्ष में वोट दिया तो वे चुनाव हार जाएंगे। हो सकता है कि वे वॉकआउट कर लें ताकि बीजेपी को इसे पास करने का मौका मिल जाए। चिराग पासवान भी ऐसा ही कर सकते हैं। विपक्ष इस बिल के खिलाफ वोट करेगा।"
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे, जिसे आज लोकसभा में पेश किया जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के सांसदों को निर्देश दिया है कि वे अपना पक्ष मजबूती से रखें। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले उन्होंने संसद परिसर में पार्टी के सांसदों के साथ एक बैठक की।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। दोपहर 12 बजे सरकार की ओर से वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। सदन में चर्चा के लिए 8 घंटे का वक्त तय किया गया है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने साफ तौर पर धमकी दी है कि अगर वक्फ बिल लाया गया तो उसके खिलाफ वह देशव्यापी आंदोलन करेगी। AIMIM के दिल्ली अध्यक्ष डॉ. शोएब जामई ने सोशल मीडिया पर लिखा- अगर वक़्फ़ बिल जबरन मुसलमानों पर थोपने की कोशिश की गई तो देशव्यापी आंदोलन होगा और इसकी शुरुआत दिल्ली से करेंगे। "पिछली बार आंदोलन जहां से खत्म हुआ था शुरूआत वहीं से होगी". हम अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे और संविधान में अल्पसंख्यको को दिए गए अधिकार पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे।
जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल ने भी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया। वक्फ बिल का संसद में समर्थन करेगी आरएलडी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के सांसदों के साथ मीटिंग की। वक्फ संशोधन बिल पर रणनीति को लेकर हुई चर्चा। आज लोकसभा में 12 बजे पेश होगा वक्फ संशोधन बिल।
देशहित में इस बिल का समर्थन करना चाहिए। जो विरोध करते हैं वे तर्क के साथ सदन में आएं। एक-एक तर्क का हम जवाब देंगे। पूरी तैयारी के साथ हम आएंगे। कई सालों तक अधिकारों का मिसयूज किया गया है। गरीब मुसलमानों को इससे काफी फायदा मिलेगा।
वक्फ संशोधन बिल 2024 पर भाजपा सांसद और वक्फ (संशोधन) विधेयक पर बनी JPC समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा, "यह मेहनत रंग लाई है। हमने (JPC कमेटी ने) इस बिल को लेकर दक्षिण भारत का दौरा किया था। हम उत्तर भारत का दौरा नहीं कर पाए थे। संसदीय कार्य मंत्री ने हमें कहा था कि हमारी मंशा है कि आप देश के हर राज्य में जाएं। हर दिन हुई बैठकों में सभी नेता भी शामिल थे और आज संशोधित रूप में इस बिल को लेकर सरकार आ रही है। यह निश्चित ही एक ऐतिहासिक दिन है। आज इस बिल के पास होने से देश के गरीब, पसमांदा और आम मुसलमानों को इसका फायदा पहुंचेगा।"
अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी की ओर से बोलेंगे जबकि कल्याण बनर्जी और अबू ताहिर खान लोकसभा में टीएएमसी की ओर से बोलेंगे।
दोपहर 12.15 मिनट पर लोकसभा में चर्चा शुरू होगी। वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा का जवाब आज ही दिया जाएगा। बीजेपी की ओर से सात सांसद वक्फ बिल पर बोलेंगे। रविशंकर प्रसाद, तेजस्वी सूर्या, कमलजीत सहरावत, जगदंबिका पाल बीजेपी की से लोकसबा में बोलेंगे। एनडीए को 4 घंटे 40 मिनट का वक्त मिला।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "हम सदन में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। सरकारी बार-बार कह रही है कि मुस्लिम समुदाय का कुछ नहीं बगड़ेगा लेकिन सरकार ने इसमें(वक्फ) संशोधन करके यह प्रावधान कर दिया है कि कोई भी संपत्ति जो सरकारी हो, जिसमें सरकारी हिस्सेदारी हो या वे विवादास्पद हों, उसे जब तक वक्फ नहीं माना जाएगा तब तक उसकी जांच पदाभिहित अधिकारी को दी जाएगी। जब तक जांच नहीं होगी तब तक वह संपत्ति वक्फ की नहीं रहेगी। विवाद की जो स्थिति पूरे देश में खड़ी हुई है वह बहुत खतरनाक है। संविधान के साथ पूरी तरह से मजाक किया जा रहा है।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस सांसद के सुरेश ने कहा, "सम्पूर्ण विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ है। संयुक्त संसदीय समिति में हमारे सदस्यों ने भी इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया है। कल INDIA गठबंधन के नेताओं ने सर्वसम्मति से इस वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे का कहना है, "विपक्ष ने जेपीसी में जो भी संशोधन बताए थे, उन संशोधनों को लागू नहीं किया गया। जब संसद में कैबिनेट के सामने बिल रखा गया, तो विपक्ष का संशोधन उसमें नहीं रखा गया। फिर बाद में हंगामा हुआ, उसके बाद पता चला कि 44 संशोधनों में से 14 को मंजूरी मिली। वे (सरकार) जेपीसी में क्लॉज-बाय-क्लॉज चर्चा नहीं चाहते। 31 सदस्यों वाली जेपीसी में 20 एनडीए के हैं और 1 चेयरमैन, यानी 21 एनडीए के हैं और 10 विपक्ष के हैं।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर असम विधानसभा के उपाध्यक्ष नुमाल मोमिन ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बहुत अच्छी पहल है जो हमारे देश के गरीब मुसलमानों के उत्थान के लिए है। कांग्रेस की विचारधारा हमेशा गरीब मुस्लिम समुदाय का शोषण करने की रही है। वे नहीं चाहते कि गरीब मुसलमानों को बेहतर सुविधाएं मिलें। वे इन गरीब मुस्लिम लोगों का शोषण करना चाहते हैं। अगर ये बिल पारित हो जाता है, तो गरीब मुस्लिम लोगों को एक अवसर मिलेगा। मैं इस वक्फ बिल का समर्थन करता हूं और कांग्रेस की विचारधारा की निंदा करता हूं।"
वीएचपी नेता विनोद बंसल ने कहा, 'मैं सब को शुभकामनाएं देता हूं कि इस बिल से देश की संपत्तियों की सुरक्षा होगी और सही तरीके से नियोजन होगा। गरीब और वंचित वर्ग के लिए कल्याणकारी होगा। लाखों हेक्टेयर जमीन वक्फ बोर्ड के पास है चाहे वह कब्जाई हुई है या फिर अधिकृत है लेकिन उसे किसी का कोई भला नहीं हो रहा। बस चंद मुस्लिम तंजीमोन और उलेमा उन संपत्तियों पर कब्जा करके बैठे हैं। इतनी संपत्तियों को नियमित किया जाए तो इतना किराया आएगा कि लोगों का फायदा होगा। इस बिल के आने से पहले जिस तरह का प्रोपेगेंडा और बरगलाने की कोशिश की जा रही है वह निंदनीय है। मुस्लिम समुदाय को कट्टरपंथियों से दूर रहना चाहिए। जो संसद में बिल आ रहा है उसका अध्ययन कीजिए समाज को बताइए और फिर उसका विरोध कीजिए कोई दिक्कत नहीं है लेकिन भारत में किसी तरह की हिंसा की कोई जगह नहीं है।
बीजेपी नेता और यूपी के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने कहा, "देश के सभी दलित और पिछड़े मुस्लिम भाई-बहनों की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को इस वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के लिए धन्यवाद देता हूं। यह पिछड़े और अतिपिछड़े मुसलमानों के लिए पीएम मोदी की ओर से सबसे बड़ी 'ईदी' होगी।"
कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने कहा, "निश्चित रूप से, हम इस विधेयक का विरोध करेंगे यदि इसमें कुछ ऐसा है जो किसी विशेष समुदाय के खिलाफ है या उस समुदाय को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने (सरकार ने) इस पर चर्चा करने के लिए आज आठ घंटे का समय दिया है। हमारा अंतिम एजेंडा यह है कि जब चर्चा हो, तो विपक्ष या सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक मंच है, उन्हें जेपीसी की तरह बुलडोजर नहीं चलाना चाहिए।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस के खलीकुर रहमान ने कहा, "पूरी प्रक्रिया बहुत ही असंवैधानिक तरीके से की जा रही है। जिस तरह से जेपीसी ने पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया है, वह बेहद निराशाजनक है। जेपीसी से इस तरह की कार्यवाही की उम्मीद नहीं थी क्योंकि विपक्षी दलों के अधिकांश जेपीसी सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सभी सिफारिशों पर विचार नहीं किया गया है और इसके बजाय, भाजपा चीजों को जबरन थोपने और विधेयक को पारित करने की कोशिश कर रही है... हम पहले दिन से ही बहुत स्पष्ट हैं कि हमने इन संशोधनों को खारिज कर दिया है, और यहां तक कि हमारी सरकार ने भी इसे खारिज कर दिया है।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा, "हम इस विधेयक का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इस विधेयक में कई ऐसी बातें हैं जो हमारे लोगों के अधिकारों को छीन रही हैं। जब सरकार ने इसे JPC के पास भेजा था, तो हमें थोड़ी उम्मीद थी कि शायद इसमें जो कमियां हैं, उन्हें दूर कर लिया जाएगा, लेकिन यह सिर्फ औपचारिकता थी, और रिपोर्ट सिर्फ उनकी मर्जी के मुताबिक पेश की गई। जब यह विधेयक सदन में आएगा, तो हम इसका कड़ा विरोध करेंगे। सरकार के पास भले ही बहुमत का आंकड़ा हो, लेकिन उसके सहयोगी जानते हैं कि अगर उन्होंने इस विधेयक का समर्थन किया, तो आने वाले समय में उन्हें बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार तानाशाही करना बंद करे और इस विधेयक को वापस ले।"
वक्फ संशोधन बिल पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "यह असंवैधानिक विधेयक है। हम संविधान को मानने वाले लोग हैं। भाजपा के लोग नागपुर का कानून थोपना चाहते हैं, यह हमें कतई मंजूर नहीं है। हम गंगा-जमुनी तहजीब में विश्वास करते हैं, हमारे देश की विविधता ही इसकी खूबसूरती है। हमने शुरू से ही संसद के दोनों सदनों के साथ-साथ बिहार विधानसभा या बिहार विधान परिषद में भी इस विधेयक का विरोध किया है। आने वाले समय में भी हम इसका विरोध करेंगे। ऐसा विधेयक हमें कभी मंजूर नहीं होगा। लालू जी अपनी खराब सेहत के बावजूद भी विरोध में शामिल हुए। इसलिए हम स्पष्ट हैं कि हम इस विधेयक को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग वक्फ विधेयक से खुद को खतरे में महसूस कर रहा है। मुझे लगता है कि सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति के लिए जल्दबाजी में यह कानून बना रही है। सरकार के पास लोकसभा में बहुमत नहीं है। वे यह कानून इसलिए ला पा रहे हैं क्योंकि नीतीश कुमार जैसे लोग सरकार का समर्थन कर रहे हैं; अगर नीतीश कुमार जैसे नेता लोकसभा में इस विधेयक के समर्थन में वोट नहीं करते हैं, तो सरकार इसे कभी कानून नहीं बना सकती।
वक्फ संशोधन विधेयक पर दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया के सज्जादानशीन सैयद फरीद अहमद निजामी ने कहा, "वक्फ संशोधन विधेयक भारत में एक विवादास्पद मुद्दा बन गया है। हमने भी अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री से मुलाकात की और कुछ आपत्तियां उठाईं, खासकर 'वक्फ बाय यूजर' पर। मैं भी एक वकील हूं और मुझे वक्फ की बारीकियां पता हैं। इसलिए, हमारे पास कुछ मुद्दे थे और उन्होंने हमें धैर्यपूर्वक सुना और हमें आश्वासन दिया कि वे इस पर गौर करेंगे। मुझे नहीं पता कि क्या संशोधन किया गया है..."
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि वक़्फ़ संशोधन बिल 2025 कई राजनैतिक दलों के सपनों को चकनाचूर कर देगा।जो दल अभी तक वक़्फ़ बिल को लेकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहे थे उन्हें हमारी सरकार करारा जवाब देने जा रही है। वक़्फ़ संशोधन बिल जिस दिन पास होगा उस दिन देश के हर मुसलमान कहेगें “मोदी है तो सबकुछ मुमकिन है”।
वक्फ संशोधन बिल को पिछले साल 8 अगस्त को संसद में पेश किया गया था जहां से इसे जेपीसी में भेजा गया था। 22 अगस्त से ही जेपीसी ने अपना काम शुरू कर दिया था जिसके बाद ये रिपोर्ट पेश की गई और 27 फरवरी को संशोधित ड्राफ्ट को मंज़ूरी दे दी गई। अब आज 9 महीने बाद ये बिल दोबारा लोकसभा में पेश हो रहा है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने कहा, "गरीब मुसलमानों को PM मोदी से उम्मीदें हैं और इसीलिए हमने इस संशोधन विधेयक का नाम 'उम्मीद' रखा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू उम्मीद की किरण हैं...PM मोदी सरकार ने तय किया है कि वे गरीब मुसलमानों को मुख्यधारा में लाएंगे। यह '70 साल बनाम मोदी कार्यकाल' है। विपक्ष के पास 70 साल थे और उन्होंने जो कर सकते थे किया। उन्होंने वक्फ को लूटा। अमीरों ने गरीबों के हक लूटे..."
अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी जेपी न्ड्डा के घर मीटिंग। इस मीटिंग में वक्फ संशोधन बिल पास कराने पर चर्चा हुई। आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल।
NDA के सभी सहयोगी दलों ने एक सुर में बिल का समर्थन किया है। नीतीश कुमार की JDU, चंद्रबाबू नायडू की TDP, चिराग पासवान की LJP और जीतनराम मांझी की HUM ने खुलेआम बिल का समर्थन करके विपक्ष के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस ने सुबह साढ़े 9 बजे अपने सांसदों की बैठक भी बुलाई है। इस बैठक को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे।
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