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क्या है कर्नाटक सरकार की शक्ति स्कीम? जिस पर मचा है बवाल, खरगे के बयान पर बीजेपी को मिल गया मौका

 Published : Nov 01, 2024 06:12 pm IST,  Updated : Nov 01, 2024 07:44 pm IST

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार शक्ति स्कीम के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान करती है। इस योजना से सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ सीएम सिद्धरमैया - India TV Hindi
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ सीएम सिद्धरमैया Image Source : PTI

नई दिल्लीः कर्नाटक चुनाव के दौरान कांग्रेस ने की तरफ से किए गए पांच गारंटियों में एक शक्ति स्कीम अब उसके ही सरकार के गले की फांस बन गई है। सरकार में आने के बाद कांग्रेस ने इस योजना को 11 जून 2023 को लॉन्च किया था। एक साल बीतते-बीतते शक्ति स्कीम सवालों के घेरे में आ गई है। बीजेपी और जेडीएस के साथ ही अब कांग्रेस के नेता ही अपनी ही सरकार की स्कीम पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं क्या शक्ति स्कीम।

क्या शक्ति स्कीम क्या है

शक्ति स्कीम कांग्रेस की उन पांच गारंटियों में से एक है जिसे सरकार में आने के बाद लागू करने का वादा किया गया था। सत्ता में आते ही कांग्रेस की सरकार ने इस योजना को 11 जून 2023 को लॉन्च किया। इसके तहत राज्य की महिलाओं को राज्य सरकार की सरकारी बसों में फ्री यात्रा की सुविधा दी जाती है। यह योजना दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के तर्ज पर लागू की गई थी। कांग्रेस का दावा है कि शक्ति स्कीम का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक तौर पर मजबूती देती है।

इस स्कीम पर खर्च हुए 7,507.35 करोड़ रुपये

18 अक्टूबर, 2024 तक राज्य सरकार ने इस योजना में 7,507.35 करोड़ रुपये खर्च किया है। इस योजना के 311.07 करोड़ महिलाओं ने मुफ्त में यात्राएं की हैं। बुधवार को राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा था कि कुछ महिलाएं किराए चुकाने की बात कर रही हैं। इसलिए इस स्कीम पर फिर से विचार किया जा सकता है। इस बयान के बाद से शक्ति स्कीम पर सवाल उठने लगे। ऐसा माना जा रहा है कि इस योजना की वजह से सरकार के बजट पर भारी असर पड़ रहा है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने डीके शिवकुमार की खिंचाई की

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को उनके इस बयान को लेकर खिंचाई की। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि आपने कुछ गारंटी दी है। उन्हें देखने के बाद मैंने भी महाराष्ट्र में कहा था कि कर्नाटक में पांच गारंटी हैं। अब आपने (शिवकुमार) कहा कि एक गारंटी छोड़ देंगे। इस पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके बगल में बैठे शिवकुमार ने हंसते हुए खरगे के बयान से असहमति जताई।

सिद्धरमैया ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने सिर्फ इतना कहा है कि सरकार इसकी समीक्षा करेगी। खरगे ने कहा कि शिवकुमार ने जो कुछ भी कहा है, उससे बीजेपी को मौका मिल गया है। खरगे के बयान के बाद बीजेपी और जेडीएस कांग्रेस को घेरने में जुट गए हैं। 

 

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