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चुनाव आयोग ने X पर पोस्ट किया संविधान का अनुच्छेद 326, जानें इसमें क्या लिखा है

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Jul 09, 2025 02:46 pm IST, Updated : Jul 09, 2025 02:46 pm IST

चुनाव आयोग ने अनुच्छेद 326 पोस्ट कर यह संदेश दिया कि बिहार में चल रहा वोटर वेरिफिकेशन पूरी तरह संवैधानिक है। विपक्ष इसे गरीबों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बता रहा है, जबकि आयोग पारदर्शिता की बात कर रहा है।

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Image Source : PTI चुनाव आयोग ने X पर संविधान के अनुच्छेद 326 को पोस्ट किया है।

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में अपने आधिकारिक X हैंडल पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 की तस्वीर साझा की है। इस पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू कर दी है, खासकर बिहार में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच। बता दें कि इस प्रक्रिया पर विपक्षी दलों जैसे RJD, कांग्रेस और अन्य ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि बिहार में मानसून और बाढ़ के समय यह प्रक्रिया शुरू करना अव्यवहारिक है, और इससे कई योग्य मतदाता, खासकर गरीब और अशिक्षित लोग लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।

संविधान का अनुच्छेद 326 क्या कहता है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनावों की गारंटी देता है। इसके अनुसार, भारत का हर वह नागरिक, जो 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का हो और सामान्य रूप से किसी निर्वाचन क्षेत्र में निवास करता हो, मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का हकदार है। हालांकि, कुछ शर्तें भी हैं, जैसे यदि कोई व्यक्ति गैर-निवासी है, मानसिक रूप से अस्थिर है, या अपराध, भ्रष्टाचार, या अवैध कार्यों के कारण अयोग्य घोषित किया गया है, तो उसे मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा। यह अनुच्छेद यह सुनिश्चित करता है कि सभी पात्र नागरिकों को निष्पक्ष और समान रूप से वोट देने का अधिकार मिले।

चुनाव आयोग के X पोस्ट का क्या मतलब?

चुनाव आयोग ने अपने X हैंडल पर अनुच्छेद 326 को पोस्ट करके यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह संवैधानिक प्रावधानों के तहत ही काम कर रहा है। यह पोस्ट एक तरह से उन आलोचनाओं का जवाब देने की कोशिश है, जो बिहार में चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाई जा रही हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल योग्य भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है, और यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी है।

बिहार में आयोग चला रहा SIR अभियान

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया है, जो 25 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना और अवैध या फर्जी मतदाताओं को हटाना है। बिहार में करीब 7.89 करोड़ मतदाताओं के लिए गणना फॉर्म बांटे जा रहे हैं, जिन्हें वैध दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा।

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