1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. महाराष्ट्र: चुनावों में BJP को हराने के लिए पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण ने सुझाया यह फॉर्म्यूला!

महाराष्ट्र: चुनावों में BJP को हराने के लिए पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण ने सुझाया यह फॉर्म्यूला!

 Reported By: Bhasha
 Published : Mar 18, 2018 01:26 pm IST,  Updated : Mar 18, 2018 01:26 pm IST

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने चुनावों में जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस को एक नया फॉर्म्यूला सुझाया है...

Prithviraj Chavan | PTI- India TV Hindi
Prithviraj Chavan | PTI

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने चुनावों में जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस को एक नया फॉर्म्यूला सुझाया है। उन्होंने राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच गठबंधन की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि अगर दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े तो हारने और अप्रासंगिक होने का खतरा है, इसलिए दोनों दलों के नेतृत्व को त्याग करना होगा ताकि भारतीय जनता पार्टी को रोका जा सके। बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में कड़वाहट के सवाल पर चव्हाण ने कहा कि यह सिर्फ नाटक है क्योंकि बीजेपी कभी भी शिवसेना का साथ नहीं छोड़ेगी और चुनाव के समय किसी न किसी तरह उसे साथ ले लेगी ताकि हिंदुत्ववादी वोटों के बंटवारे को रोका जा सके। 

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों और बेरोजगारी के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरना होगा। राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच गठबंधन पर उन्होंने कहा कि सीटों के तालमेल को लेकर दोनों पार्टियों के बीच अड़चनें हैं, लेकिन उनको दूर करने के लिए दोनों के नेतृत्व को परिपक्वता दिखानी होगी। कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन से इतर पार्टी के वरिष्ठ नेता चव्हाण ने कहा, 'दोनों (कांग्रेस और NCP) के साथ आए बिना काम नहीं चलेगा। अगर अलग लड़ेंगे तो बीजेपी शायद आगे निकल जाएगी क्योंकि वह हिंदुत्व की राजनीति कर रही है। वोटों का बंटवारा रोकने के लिए समान विचार वाले दलों को साथ आना होगा। महाराष्ट्र में दोनों के सामने कोई विकल्प नहीं है। दोनों को साथ आना होगा। साथ नहीं आए तो दोनों हार जाएंगे और अप्रासंगिक हो जाएंगे। सबसे ज्यादा छोटी पार्टियां अप्रासंगिक हो जाएंगी।'

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'जब चुनाव होंगे तो किस तरह से सीटों का बंटवारा होगा, इसको लेकर अड़चने हैं, यह बात मैं मानता हूं। दोनों तरफ के नेतृत्व को परिपक्वता दिखानी होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि सीटों के तालमेल के संदर्भ में दोनों दलों को त्याग करना चाहिए। गौरतलब है कि साल 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में दोनों पार्टियां अलग लड़ी थीं और इसी के साथ दोनों का 15 साल पुराना तालमेल टूट गया था। कांग्रेस ने महाधिवेशन में शनिवार को राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया जिसमें समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन की पैरवी की गई है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत