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क्या कांग्रेस में आमने-सामने खड़े हो गए नौजवान और वरिष्ठ? Twitter पर मचा है घमासान

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 01, 2020 11:41 pm IST,  Updated : Aug 01, 2020 11:41 pm IST

बहस और आगे बढ़ गयी जब तिवारी के जवाब में कांग्रेस के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, "बहुत सही कहा, मनीष। 2014 में पद छोड़ते समय डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था, "इतिहास मेरे प्रति उदार रहेगा।" 

is everything not alright in congress senior leader asks juniors to feel pride in Inheritance ।  कां- India TV Hindi
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की युवा नेताओं की सलाह: अपनी विरासत का अपमान नहीं करें Image Source : PTI FILE

नई दिल्ली. कांग्रेस में अनुभवी और नए नेताओं में गतिरोध की खबरों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को अपने नौजवान साथियों को सलाह दी है कि अपनी खुद की विरासत का अपमान नहीं करें और ऐसा करके वे केवल जनता की नजरों में पार्टी को कमजोर करने की भाजपा की सोच को ही बढ़ावा देंगे। कई पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने पार्टी नेताओं को आगाह करते हुए कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति ऐसे वक्त में कांग्रेस को बांट देगी जब एकजुटता की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को अतीत की पराजयों से सीख लेनी चाहिए और ‘वैचारिक शत्रुओं’ के मनमाफिक चलने के बजाय पार्टी में नयी जान डालनी चाहिए।

आनंद शर्मा ने किया मनमोहन सिंह का बचाव

कांग्रेस नीत संप्रग के बचाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि कोई अपनी ही विरासत का अपमान नहीं करता। इससे पहले पार्टी के युवा नेता राजीव सातव ने कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों की हाल ही में हुई एक बैठक में संप्रग के कामकाज पर सवाल उठाया था। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता शर्मा ने कहा, "कांग्रेस नेताओं को संप्रग की विरासत पर गर्व होना चाहिए। कोई पार्टी अपनी ही विरासत को अपमानित नहीं करती। भाजपा से परोपकार की या हमें श्रेय देने की उम्मीद नहीं की जा सकती, लेकिन हमारे अपने लोगों को सम्मान देना चाहिए।"

एक अन्य नेता ने कहा कि दुखद है कि कांग्रेस में कुछ तत्व जाने अनजाने जनता की नजरों में पार्टी को आपसी गतिरोध में उलझा दिखाने की भाजपा की सोच को ही बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के विरुद्ध एकजुट दिखना चाहिए।

मनीष तिवारी बोले- दुर्भाग्य से कुछ दिग्भ्रमित नेता UPA सरकार पर छींटाकशी कर रहे हैं
पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा, "भाजपा 2004 से 2014 तक 10 साल सत्ता से बाहर रही। लेकिन उन्होंने उस समय की हालत के लिए कभी अटल बिहारी वाजपेयी या उनकी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस में दुर्भाग्य से कुछ दिग्भ्रमित लोग राजग और भाजपा से लड़ने के बजाय डॉ मनमोहन सिंह नीत संप्रग सरकार पर छींटाकशी कर रहे हैं। जब एकता की जरूरत है, वे विभाजन कर रहे हैं।"

मिलिंद देवड़ा ने आगे बढ़ा दी बहस!
बहस और आगे बढ़ गयी जब तिवारी के जवाब में कांग्रेस के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, "बहुत सही कहा, मनीष। 2014 में पद छोड़ते समय डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था, "इतिहास मेरे प्रति उदार रहेगा।" देवड़ा ने ट्वीट में कहा, "क्या कभी उन्होंने कल्पना भी की होगी कि उनकी ही पार्टी के कुछ लोग देश के प्रति उनकी सालों की सेवा को खारिज कर देंगे और उनकी विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। वह भी उनकी मौजूदगी में?"

शशि थरूर बोले- कांग्रेस के पुनरुद्धार के लिए बहुत मेहनत करनी होगी
एक अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने तिवारी और देवड़ा के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, "संप्रग के क्रांतिकारी दस सालों को दुर्भावनापूर्ण विमर्श के साथ कलंकित कर दिया गया। हमारी हार से सीखने को बहुत सारी बातें हैं और कांग्रेस के पुनरुद्धार के लिए बहुत मेहनत करनी होगी। लेकिन हमारे वैचारिक शत्रुओं के मनमाफिक चलने पर ऐसा नहीं हो सकता।"

सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और पायलट के विद्रोह के बाद चरम पर विवाद
सातव ने इस बहस को उस समय जन्म दिया जब उन्होंने पूर्व मंत्रियों कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम से इतनी पुरानी बड़ी पार्टी के कमजोर होने पर आत्मचिंतन को कहा। आनंद शर्मा ने कहा कि इतिहास ईमानदारी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के अपार योगदान को याद रखेगा। कांग्रेस में युवा और अनुभवी नेताओं के बीच विभाजन अक्सर सामने आता रहा है जो पिछले कुछ महीनों में पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने और राजस्थान में सचिन पायलट के विद्रोह से चरम पर पहुंच गया।

With inputs from Bhasha

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