
1975 में येचुरी मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। आपातकाल का विरोध करने के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। कुछ समय तक उन्हें भूमिगत भी रहना पड़ा था। जेल जाने के चलते ही वे जेएनयू से अपनी पीएचडी की डिग्री को पूरी नहीं कर पाए थे।

1975 में येचुरी मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। आपातकाल का विरोध करने के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। कुछ समय तक उन्हें भूमिगत भी रहना पड़ा था। जेल जाने के चलते ही वे जेएनयू से अपनी पीएचडी की डिग्री को पूरी नहीं कर पाए थे।