नई दिल्ली: गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 56 इंच का सीना कम नहीं हुआ है। मैं होम मिनिस्टर हूं, अन्दर की बात जानता हूं। आई बी मेरे पास है। संदेह किसी को नहीं होना चाहिए। मैं इतना ही कहूंगा वो 56 इंच का सीना है। एक इंच भी कम नहीं हुआ है। मंत्रिमंडल में मुझसे बेहतर प्रधानमंत्री को कौन जानेगा।"
राजनाथ सिंह इंटिया टीवी के मुख्य सम्पादक रजत शर्मा के शो "आपकी अदालत" में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव अभियान के समय पाकिस्तान के लिए 56 इंच के सीने की बात पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। ये शो आज रात 10 बजे इंडिया टीवी पर प्रसारित होगा।
पाकिस्तान आतंकवाद पर पाए काबू वरना हमारी मदद ले।
अगर पाकिस्तान के पास आंतकवादी गतिविधियों की रोकथाम करने की कूवत नहीं है, तो वो भारत से मदद ले सकता है। "मैं यहां से पाकिस्तान को ये संदेश देना चाहता हूं कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवादी गतिविधियों को रोके। यदि पाकिस्तान आतंकवादी गतिविध रोकना चाहता है और पाकिस्तान के पास इसे रोकने की कूवत नहीं है तो उसे भारत का भी सहयोग प्राप्त करना चाहिए। वो चाहे तो कर सकता है। वो चाहे तो विश्व के अन्य देशों से सहयोग प्राप्त कर सकता है।"

पाकिस्तान से होने वाली आतंकी घुसपैठ में 52 फीसदी कमी
राजनाथ सिंह ने दावा किया कि पिछले डेढ-दो साल में पाकिस्तान से होने वाली आतंकी घुसपैठ में 52 फीसदी की कमी आई है। "विगत 10 वर्षों में आतंकवाद, उग्रवाद, माओवाद अपने सबसे निचले स्तर पर है. हमारे सुरक्षाकर्मी जो माओवादियों के हमले में मारे जाते थे, आज उनकी संख्या बहुत ही कम हो गई है।"
पठानकोट एयर बेस पर हुए आतंकी हमले के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा, "जिस हद तक हम लोग कोशिश कर सकते थे, हमने कोशिश की है, अन्तरराष्ट्रीय जगत को मेसैज दिया है। इस मैसेज देने का परिणाम ये हुआ कि अमेरिका ने भी आज कहा जो भी पठानकोट में हुआ और जो भी आतंकवादी वारदात भारत में हो रहे हैं, उसकी जांच में पाकिस्तान सहयोग करे, मैं समझता हूं, हमारी रणनीति का यह परिणाम है कि अमेरिका ये कहने को मजबूर हुआ।"
इशरत जहां केस के कुछ कागज़ात गायब हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय में इशरत जहां केस के कुछ कागज़ात गायब पाए गए हैं। "इशरत जहां से जुडे हुए कई दस्तावेज जो गृह मंत्रालय की फाइल में होना चाहिए वो उपलब्ध नहीं है। उसकी जांच करने के लिए मैने एक कमेटी भी बना रखी है। कमेटी की रिपोर्ट अब जल्द आनेवाली है। कौन दोषी हैं, कौन नहीं, उसका खुलासा हो जाएगा।"
राजनाथ सिंह ने कहा कि " (इशरत जहां केस में) एफिडेविट हम लोगों ने नहीं बदली थी। एफिडेविट में जो भी बदलाव हुए थे, कांग्रेस के समय में हुए थे, कांग्रेस के लोगों ने किया था। हो सकता है कि किसी ने राजनीतिक कारणों से इधर-उधर की होगी. ..मैं व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाता. पर मैं मानता हूं कि कहीं न कहीं इशरत जहां मामले को पॉलिटिसाइज़ करने की कोशिश की गई।"

NIA ने मालेगांव ब्लास्ट केस में दूध का दूध, पानी का पानी किया है।
ये पूछे जाने पर कि मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए ने प्रज्ञा ठाकुर को कैसे क्लीन चिट दे दी, गृह मंत्री ने कहा - "एनआईए ने जांच की। दूध का दूध, पानी का पानी हो गया. एनआईए ऐसी जांच एजेन्सी है, जिसको मैक्सिमम ऑटोनोमी दी। अभी तक एनआईए होम मिनिस्ट्री को फाइल भेजती थी लीगल ओपिनियन के लिए। हमने कहा, आपको स्वायत्तता हासिल है, कोई फाइल भेजने की जरूरत नहीं है। एनआईए सीधे कानून मंत्रालय को अपनी फाइल भेज सकता है, वहां से कानूनी राय ले सकता है।"
इस सवाल पर कि मालेगांव केस में सारे गवाह पिछले दो साल में कैसे पलट गए, राजनाथ सिंह ने कहा - "वो एनआईए से पूछिए। पहले क्यों ऐसा था, क्यों अब ऐसा हो रहा है।"
शोहरत हासिल करने के लिए विज्ञापन नहीं दे रहे हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के इस आरोप पर कि एनडीए ने अपने शासन के दो साल पूरे होने पर विज्ञापनों पर 1000 करोड रुपए खर्च कर दिए, राजनाथ सिंह ने कहा - "दिल्ली की एक छोटी सरकार, जो राज्य नहीं, बल्कि यू टी है, उसके विज्ञापन देखते हैं? चेन्नई में भी उसका विज्ञापन देखने को मिलेगा। असम, सिक्किम, नगालैंड चले जाइए, वहां भी आप के विज्ञापन देखने को मिलते हैं। सरकार तो केवल दिल्ली में है न? हमने पूरे साल भर विज्ञापन नहीं दिया। दो वर्ष पूरा हुआ, देश की जनता में विश्वास की भावना पैदा करने के लिए विज्ञापन दिए.. ताकि देशवासी जान सकें ये सरकार आपकी अपेक्षा के अनुरुप काम कर रही है. हमने क्या-क्या किया देश की जनता को अवगत कराने के लिए विज्ञापन दे रहे हैं, शोहरत हासिल करने के लिए विज्ञापन नहीं दे रहे हैं।"

नहीं कहा था कि सबके खाते में 15 लाख रुपए जाएंगे।
काले धन के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा - "ये नहीं कहा था कि 15-15 लाख रुपए सभी के खाते में डाल दिया जाएगा। इतनी धनराशि काले धन के रूप में पडी हुई है कि हर व्यक्ति के खात में 15-15 लाख रुपए पहुंच सकते हैं, ये बात थी - ये एक नज़ीर थी, उदाहरण था. ये थोडे ही कहा था कि सबके खाते में 15 लाख रुपए जाएंगे. आप मेरा एक भी बयान दिखा दीजिए, चुनाव के समय पार्टी का अध्यक्ष मैं था. पार्टी अध्यक्ष के बयान को देखना चाहिए क्योंकि मैनिफेस्टो राष्ट्रीय अध्यक्ष की देखरेख में तैय़ार होता है।"
किसानों को आत्हत्या के कारणों का हम निराकरण कर रहे हैं।
किसानों की आत्महत्या के सवाल पर गृह मंत्री ने इसे एक बडी विडम्बना बतायी. " किसानों की आत्महत्या लम्बे समय से चली आ रही है और मैं समझता हूं ये सबसे बडी विडम्बना है. मैं भी गांव का रहने वाला हूं, साधारण किसान के परिवार में पैदा हुआ हूं. मैं किसानों के दर्द को समझता हूं. हालात बहुत बदतर है. पर कौन जिम्मेदार है? आज़ादी के बाद 55 वर्ष तक कांग्रेस ने देश में शासन चलाय़ा. क्या 55 वर्ष में देश की तकदीर नहीं बदली जा सकती थी ? किसानों की आत्महत्या को नहीं रोका जा सकता था ? हालात इतने बदतर कर दिए कि हमें दो वर्ष तो क्या, कम से कम 5 वर्ष का समय तो दीजिए, 5 वर्ष में हम हालात ऐसा पैदा करेंगे कि किसान आर्थिक तंगी के कारण आत्यमहत्या को मजबूर नहीं होगा। हमारे प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि 2022 आते आते हम किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे। जिन कारणों से किसानों को आत्हत्या करना पड रहा है, उन कारणों का हम निराकरण कर रहे हैं. "
रजत शर्मा के शो " आपकी अदालत" में आप राजनाथ सिंह को देख सकते हैं आज रात 10 बजे इंडिया टीवी पर. इसका पुन: प्रसारण रविवार 29 मई सुबह 10 बजे और रात 10 बजे होगा।
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