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अमित शाह का बड़ा बयान, कहा-एनआरसी लागू कर अवैध प्रवासियों को पूरे देश से खदेड़ेंगे

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 17, 2019 02:18 pm IST,  Updated : Jul 17, 2019 02:22 pm IST

असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों से घुसपैठियों को बाहर निकालने की केन्द्र की प्रतिबद्धता जताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश की इंच इंच जमीन से अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाएगा।

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अमित शाह का बड़ा बयान, कहा-अवैध प्रवासियों को पूरे देश से खदेड़ेंगे

नयी दिल्ली: असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों से घुसपैठियों को बाहर निकालने की केन्द्र की प्रतिबद्धता जताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश की इंच इंच जमीन से अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाएगा। शाह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) की चर्चा करते हुए कहा कि यह असम समझौते का हिस्सा है।

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उन्होंने कहा, “एनआरसी अभी जो आसाम के अंदर है वह असम एकॉर्ड का एक पार्ट है, लेकिन सभी ने राष्ट्रपति का भाषण सुना होगा, घोषणा पत्र का भी हिस्सा है, देश की इंच-इंच जमीन पर जितने भी घुसपैठिए रहते हैं उनको हम पहचान करने वाले हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत डिपोर्ट करने वाले हैं।“

शाह ने यह बात समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान के इस पूरक प्रश्न के जवाब में कही कि क्या जिस तरह से असम में एनआरसी को लागू किया जा रहा है, सरकार की योजना उसे देश के अन्य राज्यों में भी उसी तरह से लागू करने की है। 

इससे पहले असम गण परिषद के वीरेन्द्र प्रसाद वैश्य के पूरक प्रश्न के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने कहा कि सरकार असम में एनआरसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही वह यह भी सुनिश्चित करेगी कि एनआरसी की प्रक्रिया में भारत का कोई भी नागरिक नहीं छूटे तथा किसी अवैध प्रवासी को इसमें स्थान न मिल सके। 

राय ने कहा कि एनआरसी को लागू करने में सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और सरकार के पास 25 लाख से अधिक ऐसे आवेदन मिले हैं जिनमें यह कहा गया कि कुछ भारतीयों को भारत का नागरिक नहीं माना गया है जबकि एनआरसी में कुछ ऐसे नागरिकों को भारतीय मान लिया गया है, जो बाहर से आये हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया है कि इन आवेदनों पर विचार करने के लिए सरकार को थोड़ा समय दिया जाए। राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार, असम में एनआरसी को 31 जुलाई 2019 तक प्रकाशित किया जाना है।

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