चंडीगढ़ : अपने दर्द भरे गानों के लिए मशहूर पंजाबी गायक धर्मप्रीत ने बठिंडा शहर स्थित अपने घर में पंखे से फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। धर्मप्रीत के परिवार ने मंगलवार को बताया कि वह करियर सही न चलने की वजह से काफी समय से अवसाद में थे और इसे लेकर परेशान थे।
उनके परिवार ने कहा कि धर्मप्रीत (38) का अंतिम संस्कार मंगलवार को बठिंडा में होगा।
धर्मप्रीत के एक दोस्त ने बताया, "वह पिछले कुछ दिनों से अपनी मां से कह रहे थे कि यह पंखा उनकी जान लेगा।"
धर्मप्रीत आत्महत्या करने से कुछ घंटों पहले ही अमृतसर में एक शो में प्रस्तुति देकर घर लौटे थे।
उनकी पिछली एलबम 'इमोशन्स ऑफ हार्ट' 2010 में रिलीज हुई थी।
धर्मप्रीत कुछ समय से तनाव में थे क्योंकि उन्हें पहले की तरह कामयाबी नहीं मिल रही थी। घटना के समय उसके घर में कोई नहीं था। गायक की पत्नी छुट्टियां में अपने बच्चे के साथ अपने मायके गई थी।
धर्मप्रीत को जिंदा दिल इंसान बताते हुए पंजाबी एक्टर राणा रणबीर ने कहा कि उनकी खुदकुशी से पंजाबी संगीत जगत को बड़ा झटका पहुंचा है।
1995 में ‘अज साडा दिल तोड़ता’ गाने से धर्मप्रीत ने अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद धर्मप्रीत ने साल 1997 में ‘दिल किसे होर दा’ गीत गाया। साल 2002 में ‘टूटे दिल नही जुड़दे’, साल 2003 में ‘तेरे बिना रह नही सकदी’ जैसे गीतों समेत 30 ऐसे सुपरहिट गीत गाए थे, जो लोगों को काफी पसंद आए।
1995 से 2006 तक धर्मप्रीत ने पंजाब के अलावा विदेशों में भी अपना अच्छा खासा नाम बना लिया था। वहीं वर्ष 2006 के बाद धर्मप्रीत को पहले जैसी सफलता मिलनी बंद हो गई। इसके बाद वह धीरे धीरे मायूस होते गए।