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Tamulpur Assembly Election 2026: तामुलपुर की हॉट सीट पर दिग्गजों की जंग, किसकी होगी जीत?

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 28, 2026 11:07 am IST,  Updated : Mar 28, 2026 11:19 am IST

Tamulpur Assembly Election 2026: असम की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक तामुलपुर विधानसभा क्षेत्र है। यहां मुख्य मुकाबला बिस्वजीत दैमारी और प्रमोद बोरो के बीच माना जा रहा है।

तामुलपुर विधानसभा चुनाव 2026- India TV Hindi
तामुलपुर विधानसभा चुनाव 2026 Image Source : INDIA TV

Tamulpur Assembly Election 2026: असम के सभी 126 विधानसभा सीटों में से एक तामुलपुर सीट है, जो वर्तमान में राज्य की सबसे चर्चित हॉट सीट है, जिसकी मुख्य वजह यहां होने वाला दिग्गजों का शक्ति प्रदर्शन है। बोडोलैंड क्षेत्रीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है। तामुलपुर सीट पर अब तक कुल 11 बार चुनाव हुए हैं, जिसमें 2021 का एक उपचुनाव भी शामिल है।

तीन चेहरों के बीच मुख्य मुकाबला?

इस बार इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के दिग्गज नेता और असम विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, UPPL के अध्यक्ष व बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो और कांग्रेस समर्थित विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार राफेल दैमारी के बीच है। तामुलपुर के 'हॉट सीट' बनने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां NDA गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगी दल- बीजेपी और यूपीपीएल एक-दूसरे के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबले के नाम पर अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बिस्वजीत दैमारी अपनी पारंपरिक सीट पनेरी को छोड़कर यहां अपनी पकड़ बनाने उतरे हैं, तो दूसरी ओर प्रमोद बोरो के लिए यह चुनाव बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के अपने नेतृत्व पर जनता की मुहर लगवाने जैसा है।

वहीं, इस मुकाबले में राफेल दैमारी (कांग्रेस) एक 'डार्क हॉर्स' की भूमिका में नजर आ रहे हैं, क्योंकि बीजेपी और यूपीपीएल के बीच होने वाले बोडो वोटों के ध्रुवीकरण और आपसी टकराव का सीधा लाभ कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है। जहां बिस्वजीत और प्रमोद बोरो के बीच सत्ता और क्षेत्रीय वर्चस्व की जंग है, तो वहीं राफेल दैमारी उन मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं जो वर्तमान सत्ता समीकरणों से असंतुष्ट हैं। 

तामुलपुर सीट का चुनावी समीकरण

1978 में स्थापित तामुलपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय नेताओं ने सबसे ज्यादा 5 बार जीत हासिल की है, जबकि पारंपरिक बोडो प्रतिद्वंद्वी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) ने 2-2 बार जीत दर्ज की है। इस सीट पर राष्ट्रीय पार्टियों को सिर्फ दो बार जीत मिली है। 1978 में जनता पार्टी और 1983 में कांग्रेस, ये दोनों जीतें पदम बहादुर चौहान ने दर्ज की थी।

2021 का वर्ष तामुलपुर के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब UPPL (यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल) ने BPF के किले को ढहाते हुए लेहो राम बोरो के माध्यम से जीत दर्ज की। लेहो राम बोरो के असामयिक निधन के बाद हुए उपचुनाव में जोलन दैमारी ने 57,000 से अधिक मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल कर UPPL की पकड़ को और मजबूत कर दिया। 

2023 के परिसीमन के बाद इस सीट को आधिकारिक तौर पर अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित कर दिया गया, जिससे यहां के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। 2026 के वर्तमान चुनावों में यह सीट अपने इतिहास के सबसे हाई-प्रोफाइल दौर में है, क्योंकि यहां पहली बार विधानसभा अध्यक्ष (बिस्वजीत दैमारी) और बीटीसी प्रमुख (प्रमोद बोरो) जैसे दिग्गज एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

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