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NDA की बैठक से पहले अमित शाह से मिले चिराग पासवान, चाचा पारस की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

 Published : Jul 17, 2023 08:08 pm IST,  Updated : Jul 17, 2023 08:08 pm IST

चिराग के पिता और दिवंगत दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में अविभाजित लोजपा ने 2019 में छह लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा था और भाजपा के साथ सीट के बंटवारे के तहत उसे राज्यसभा की एक सीट भी मिली थी। युवा नेता चिराग चाहते हैं कि उनकी पार्टी में विभाजन के बावजूद भाजपा, उसी व्यवस्था पर कायम रहे।

amit shah chirag paswan- India TV Hindi
अमित शाह और चिराग पासवान Image Source : PTI

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक से एक दिन पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने सोमवार को यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और फिर संकेत दिया कि वह जल्द ही सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। शाह से मुलाकात के बाद के बाद चिराग पासवान ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आज नई दिल्ली में देश के गृह मंत्री अमित शाह से गठबंधन के मुद्दों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।’’ उनके इस ट्वीट से संकेत है कि चिराग पासवान मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की बैठक में भाग लेंगे।

NDA में शामिल होने के लिए रखी ये मांग

चिराग के पिता और दिवंगत दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में अविभाजित लोजपा ने 2019 में छह लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा था और भाजपा के साथ सीट के बंटवारे के तहत उसे राज्यसभा की एक सीट भी मिली थी। युवा नेता चिराग चाहते हैं कि उनकी पार्टी में विभाजन के बावजूद भाजपा, उसी व्यवस्था पर कायम रहे। लोजपा में विभाजन के बाद बने दूसरे गुट राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग के चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस हैं, जो सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं।

chirag paswan and nityanand rai
Image Source : PTIकेंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय चिराग पासवान से दो बार मुलाकात कर चुके हैं।

लोजपा (रामविलास) के सूत्रों ने कहा कि चिराग पासवान ने अपने गठबंधन को औपचारिक रूप देने से पहले बिहार में लोकसभा और विधानसभा सीट के अपने हिस्से के बारे में भाजपा के समक्ष स्पष्टता पर जोर दिया है। चिराग पासवान सीट के बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। शाह से आज की उनकी मुलाकात को भी इसी कवायद के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय इससे पहले चिराग पासवान से दो बार मुलाकात कर चुके हैं। चिराग यह भी चाहते हैं कि भाजपा उन्हें हाजीपुर लोकसभा सीट दे, जो दशकों से उनके पिता का गढ़ रही है, लेकिन वर्तमान में संसद में पारस इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। चिराग के चाचा ने भी इस सीट पर दावा करते हुए कहा है कि वही रामविलास पासवान के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं, ना कि चिराग। भाजपा भी दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के लिए काम कर रही है।

BJP चिराग को अपने पाले में वापस लाने के लिए उत्सुक
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री पारस से भी मुलाकात की है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू के साथ गठबंधन टूट जाने के बाद से भाजपा चिराग पासवान को अपने पाले में वापस लाने के लिए उत्सुक है, क्योंकि वह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में अपनी ताकत और बढ़ाना चाहती है। चिराग पासवान 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तत्कालीन सहयोगी नीतीश कुमार का विरोध करने के कारण राजग से अलग हो गए थे, लेकिन वह प्रमुख मुद्दों पर भाजपा के समर्थन में रहे।

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