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हीरा कारोबारी गोविंद ढोलकिया ने पीएम मोदी को भेंट किया 'नवभारत रत्न', जानें क्या है इसकी खासियत

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Dec 03, 2024 11:39 pm IST,  Updated : Dec 03, 2024 11:42 pm IST

मशहूर हीरा कारोबारी गोविंद ढोलकिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को खास भेंट दी है। गोविंद ढोलकिया ने पीएम मोदी को भारत के नक्शे के आकार में तराशे गए हीरे को भेंट किया है। इस हीरे को नवभारत रत्न नाम दिया गया है।

Diamond businessman Govind Dholakia presented Navbharat Ratna to PM Narendra Modi- India TV Hindi
हीरा कारोबारी गोविंद ढोलकिया ने पीएम मोदी को भेंट किया 'नवभारत रत्न' Image Source : INDIA TV

मशहूर हीरा कारोबारी और राज्यसभा सांसद गोविंद ढोलकिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक खास भेंट दी है। दरअसल गोविंद ढोलकिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को भारत के नक्शे के आकार में तराशे गए प्राकृतिक हीरे को उन्हें भेंट किया है। बता दें कि इस हीरे को 'नवभारत रत्न' नाम दिया गया है। गोविंद ढोलकिया प्राकृतिक हीरों के निर्माण और निर्यात कंपनी श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स (SRK) के संस्थापक-चेयरमैन हैं। पीएम मोदी को जो नवभारत रत्न हीरा भेंट किया गया है, वह 2.120 कैरेट का उत्कृष्ट हीरा है जो भारत की एकता, सुंदरता और अनंत चमक का प्रतीक है।

पीएम नरेंद्र मोदी को तोहफे में मिला 'नवभारत रत्न'

बता दें कि सूरत के कुशल शिल्पकारों ने बड़ी ही बारीकी और मेहनत से इस हीरे को तैयार किया है, जिसे नवभारत रत्न नाम दिया गया है। इस हीरे को तैयार करने में 3700 मिनट की मेहनत लगी है। साथ ही योजनाबद्ध तरीके से और बेहद बारीक प्रक्रिया के जरिए इस हीरे को तैयार किया गया है। यह न केवल भारत की समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि भारत के उज्जवल भविष्य को समर्पित एक श्रद्धांजलि भी हैं। नवभारत रत्न हीरे की उत्कृष्टता कारीगरी और समर्पण का जीता-जागता प्रमाण है, जो रत्न कलाकार राजेशभाई कछाड़िया और विशालभाई इटालिया जैसे एक्सपर्ट्स की मेहनत के बाद साकार हुआ है।

घंटों की मेहनत, तब जाकर हुआ तैयार

बता दें राजेशभाई कछाड़िया को एसआरके में काम करने का 14 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने हीरे से भारत के नक्शे को तैयार करने में 40 घंटे का समय दिया है। साथ ही उन्होंने अपने इस कार्य को एक सैनिक के बलिदान के समान माना है। साथ ही विशालभाई इटालिया एसआरके में 6 सालों से कार्यरत हैं। उन्होंने हीरे की गिर्डल को 22 घंटे तक बारीकी से पॉलिश किया। इन दोनों की कड़ी मेहनत के बाद ही नवभारत रत्न को तैयार किया जा सका। बता दें नवभारत रत्न न केवल एक हीरा है, बल्कि यह भारत के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। 

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