नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को पटियाला हाउस कोर्ट ने कस्टडी पैरोल दी है। यह पैरोल उन्हें 9 सितंबर को होनेवाले उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए मिली है। राशिद इंजीनियर को यह पैरोल सिर्फ कस्टडी में होगी, यानी यानी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में वे संसद जाएंगे और मतदान के बाद वापस जेल लाए जाएंगे।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा के सांसद अपने-अपने वोट डाल सकेंगे। बता दें कि उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है। यह एक अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया है, जिसमें संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं।
यह प्रक्रिया राष्ट्रपति के चुनाव से थोड़ी अलग है क्योंकि इसमें राज्य विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती। उपराष्ट्रपति चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत (Single Transferable Vote) प्रणाली के तहत गुप्त मतदान द्वारा होता है। उम्मीदवार को जीतने के लिए कुल वैध मतों का आधा से ज्यादा वोट प्राप्त करना जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया का संचालन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है और लोकसभा या राज्यसभा के महासचिव को रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है।
बता दें कि इंजीनियर राशिद पर दिल्ली की तिहाड़ जेल में ट्रांसजेंडर कैदियों ने हमला कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना करीब एक हफ्ते पहले हुई, जब राशिद और ट्रांसजेंडर कैदियों के बीच कहासुनी हो गई थी। जेल नंबर 3 में बंद राशिद को इस हमले में मामूली चोटें आईं । जेल सूत्रों ने इसे सुनियोजित साजिश बताने वाली खबरों को खारिज किया है और इसे महज कहासुनी के बाद हुई एक मामूली झड़प बताया।
इंजीनियर राशिद को 2019 में जम्मू-कश्मीर में कथित आतंकवादी फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आपराधिक साजिश, राजद्रोह और आतंकवाद से जुड़े आरोप हैं, जिनके तहत उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज है। इसके बावजूद, राशिद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराकर बारामूला सीट से जीत हासिल की।
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