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कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023: देवेगौड़ा परिवार में देवर-भाभी का खत्म होगा झगड़ा? 'हासन' को लेकर टेंशन जारी

 Edited By: Kajal Kumari
 Published : Apr 03, 2023 02:47 pm IST,  Updated : Apr 04, 2023 09:30 am IST

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए JDS सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा कर सकता है। टिकट बंटवारे को लेकर एचडी देवेगौड़ा के आंतरिक पारिवारिक विवाद के अब खत्म होने की उम्मीद है।

karnataka assembly election 2023- India TV Hindi
हासन सीट को लेकर देवेगौड़ा की फैमिली में विवाद Image Source : FILE PHOTO

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023: हासन टिकट को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का परिवारिक कलह अबतक जारी है। देवेगौड़ा की बहू भवानी रेवन्ना देवेगौड़ा और उनका परिवार अब भी हासन टिकट के लिए अड़ा हुआ है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी उन्हें टिकट जारी करने को तैयार नहीं हैं। बता दें कि भवानी रेवन्ना कुमारस्वामी की भाभी हैं और परिवार के बीच हासन सीट के टिकट को लेकर विवाद गहरा गया है। हालांकि जद(एस) द्वारा कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा करने की संभावना है और टिकट बंटवारे को लेकर आंतरिक पारिवारिक विवाद भी खत्म होने की उम्मीद है। 

देवेगौड़ा ने रविवार रात परिवार के सदस्यों के साथ बैठक की थी। बैठक को लेकर सूत्रों ने कहा कि हासन सीट के टिकट का मुद्दा अब भी देवेगौड़ा परिवार के लिए विवादित बना हुआ है। भवानी रेवन्ना बैठक के पहले 15 मिनट में ही बाहर चली गईं और उन्होंने मीडिया को भी इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया। सूत्र बताते हैं कि दोनों पक्ष हासन के टिकट पर अड़े हुए हैं।

कुमारस्वामी का बड़ा बयान

हासन के अलावा जद (एस) अरासीकेरे निर्वाचन क्षेत्र में मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए भी गंभीरता से काम कर रहा है, जहां पार्टी के पिछले उम्मीदवार शिवलिनेज गौड़ा कांग्रेस में शामिल होने को तैयार हैं। अरकालागुडु से जद (एस) विधायक ए.टी. रामास्वामी पहले ही बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब जद (एस) पार्टी भाजपा मंत्री के.गोपालैया के कब्जे वाली महालक्ष्मी लेआउट सीट पर भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। गोपालैया, जो 2018 के चुनावों में जद (एस) के टिकट पर जीते और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।

कुमारस्वामी ने कहा था कि चुनाव के बाद राष्ट्रीय पार्टियों को गठबंधन की गुहार लगाते हुए उनके दरवाजे पर आना ही होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय दलों का आलाकमान पहले से ही उनके संपर्क में है। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय दलों, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने हाल के दिनों में जद (एस) पर तीखी टिप्पणियां और मार्मिक हमले बंद कर दिए हैं। जद (एस) के आंतरिक सर्वेक्षणों ने संकेत दिया है कि पार्टी के पास चुनाव में 25 से 35 सीटें जीतने का अच्छा मौका है।

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