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काम की खबर: वोटिंग के बाद हो जाए प्रत्याशी की मौत तो क्या होगा? जानें चुनाव आयोग का नियम

 Written By: Subhash Kumar @ImSubhashojha
 Published : Apr 22, 2024 04:18 pm IST,  Updated : Apr 22, 2024 05:32 pm IST

लोकसभा चुनाव 2024 के तहत उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल को वोटिंग हुई। हालांकि, वोटिंग के अगले दिन 20 अप्रैल की शाम भाजपा के प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया। ऐसे में अब लोगों के मन में सवाल है कि इस चुनाव का क्या होगा।

 मुरादाबाद से बीजेपी के प्रत्याशी सर्वेश सिंह।- India TV Hindi
मुरादाबाद से बीजेपी के प्रत्याशी सर्वेश सिंह। Image Source : PTI

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल 2024 को संपन्न हो चुका है। पहले चरण के चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सीट पर वोटिंग हुई। हालांकि, चुनाव के बाद बुरी खबर ये आई कि मुरादाबाद सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया। इस घटना के बाद से लोगों के मन में सवाल है कि अब जब चुनाव प्रत्याशी का निधन हो चुका है तो चुनाव आयोग क्या कदम उठाएगा? क्या इस सीट पर उपचुनाव होंगे? या फिर कोई अन्य तरीका अपनाया जाएगा? आइए जानते हैं इन्हीं सवालों के जवाब हमारी इस खबर में।

कैसे हुआ सर्वेश सिंह का निधन?

मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल को वोटिंग हुई। भाजपा के प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का 20 अप्रैल की शाम 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, उन्हें जब भाजपा ने टिकट दिया था तब भी वह अस्पताल में भर्ती थे। सर्वेश सिंह यूपी के मुरादाबाद से ही साल 2014 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने थे। इससे पहले वह यूपी की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रह चुके थे। 

क्या फिर से होगी वोटिंग?

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, अगर किसी सीट पर वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसके बाद प्रत्याशी का निधन होता है तो ऐसे में चुनाव के परिणाम का इंतजार किया जाएगा। नियम के मुताबिक, अगर मतगणना के बाद कोई अन्य प्रत्याशी जीतेगा तो दोबारा चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, अगर चुनाव में कुंवर सर्वेश सिंह विजयी होते हैं तो इस चुनाव को रद्द कर दिया जाएगा। इस सीट पर दोबारा से वोटिंग या उपचुनाव के जरूरत पड़ेगी। क्योंकि तब वह अपने क्षेत्र का का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपस्थित नहीं रहेंगे। जन प्रतिनिधित्त्व अधिनियम, 1951 की धारा 151A के तहत अगर इस सीट पर 6 महीने के भीतर चुनाव कराने होंगे।

अगर वोटिंग से पहले निधन हो जाए तो?

अगर किसी सीट पर वोटिंग से पहले ही किसी प्रत्याशी का निधन हो जाता है और अगर नामांकन व नाम वापस लेने की तारीख खत्म हो जाती है तो ऐसे समय में संबंधित सीट पर चुनाव को रद्द कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए हाल ही में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में श्रीगंगानगर की करणपुर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया था। उनका नामांकन हो चुका था। ऐसे में इस सीट पर नई तारीख पर चुनाव हुए थे। 

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