Parliament LIVE: लोकसभा में सरकार ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पेश कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ये बिल पेश किया है। बिल पेश होने के बाद अब लोकसभा में बहस हो रही है। कांग्रेस ने इस बिल को संघीय ढांचे पर चोट बताया है। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस बिल को लेकर विरोध जताया है। सपा सांसद ने कहा कि संघीय ढाचे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि इस बिल को कानून बनाकर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने का प्रावधान है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संविधान पर जारी बहस में बोलते हुए कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक तरीकों से तानाशाहों का घमंड तोड़ा है। शाह ने देश के एकजुट रखने में देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल के योगदान को भी याद किया।
सरकार ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले विधेयक को विपक्षी दलों के भारी विरोध के बीच मंगलवार को निचले सदन में पेश किया और कहा कि इस पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति यानी कि JPC के पास भेजा जाएगा।
लोकसभा में 'वन नेशन वन इलेक्शन बिल पेश' कर दिया गया। विपक्षी सांसदों के विरोध के बाद इस बिल को स्वीकार करने के लिए वोटिंग कराई गई। बिल के समर्थन में 269 और विरोध में 198 वोट पड़े हैं।
'वन नेशन वन इलेक्शन बिल' स्वीकार करने को लेकर वोटिंग हो रही है। नई संसद में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से वोटिंग हो रही है।
'वन नेशन वन इलेक्शन बिल' JPC में भेजा जाएगा। कांग्रेस, सपा, NCP ने इसकी मांग रखी थी। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने प्रस्ताव रखा है।
तेलगू देशम पार्टी (TDP) ने इस बिल का समर्थन किया है। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि एक साथ चुनाव होने से देश का पैसा बचेगा।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि ये बिल वोट देने के अधिकार पर चोट है। ये बिल संविधान की मूल भावना पर हमला है।
TMC ने भी इस बिल का विरोध किया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि ये बिल संविधान के ढांचे पर हमला है। राज्यों की विधानसभा केंद्र के अधीन नहीं है। ये चुनाव सुधार नहीं, सिर्फ एक आदमी की जिद है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' बिल पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह पूरी तरह से निरर्थक शुरुआत है। इससे किसी भी तरह से मदद नहीं मिलने वाली है। जब तक ऐसा प्रावधान नहीं होता कि किसी भी स्थिति में सदन अगले पांच साल तक भंग न हो, तभी आप इस उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।'
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस बिल का विरोध किया है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ये बिल संविधान की मूल भावना पर चोट पहुंचाता है। संघीय ढाचे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक संविधान के मूल ढांचे के सिद्धांत पर हमला है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा के अंदर 'वन नेशन वन इलेक्शन' का बिल पेश कर दिया है। बिल पेश होने के बाद विपक्ष के नेता इसके विरोध में बोल रहे हैं।
संविधान पर हो रही बहस के दौरान राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'अगले साल आपातकाल लागू हुए 50 साल हो जाएंगे। हम लोकतंत्र विरोधी दिवस मनाएंगे। कांग्रेस को इसमें शामिल होना चाहिए और लोगों से अपील करनी चाहिए कि 50 साल तक आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंटने का कुत्सित प्रयास किया गया। अगर आपके दिल में कहीं भी उनके लिए थोड़ी भी दया है, अगर आपके दिल में कहीं भी कोई पश्चाताप है, तो मैं आपसे अपील करता हूं कि आप 25 जून 2025 को लोकतंत्र विरोधी दिवस में शामिल हों।'
EVM मुद्दे पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'कांग्रेस ने 2004 और 2009 में दो बार EVM मशीनों के जरिए ही सरकार बनाई। EVM पर सवाल उठाने वाले सभी कांग्रेस सांसद EVM मशीन के जरिए ही चुने गए हैं। क्या कांग्रेस का मतलब यह है कि वे अलोकतांत्रिक तरीकों और दोषपूर्ण मशीनों के ज़रिए चुने गए हैं? कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और वे सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं।'
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के अंदर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी विपक्षी सांसद हाथ में तख्ती लिए हुए नजर आए।
कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने कहा कि एक देश एक चुनाव संभव नहीं है। हमारा देश बहुत विशाल है। चुनाव आयोग कुछ राज्यों में एक साथ चुनाव नहीं करा पाता है। पूरे देश में चुनाव कैसे कराएगा। कांग्रेस सासंद ने कहा कि नए ईवीएम को खरीदन के लिए 9 हजार करोड़ रुपये लगेंगे।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल की चल रही भूख हड़ताल पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है, जो किसानों के मुद्दे पर 21वें दिन में प्रवेश कर चुकी है।
शिवसेना ने भी अपने सभी लोकसभा सांसदों को 17 दिसंबर 2024 को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है, क्योंकि कुछ महत्वपूर्ण विधायी कामकाज पर चर्चा होनी है।
मंगलवार सुबह 10:30 बजे कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की एक तत्काल बैठक बुलाई गई है, जिसमें आज के सदन के कामकाज पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक संविधान सदन के सीपीपी कार्यालय में होगी।
कांग्रेस के सभी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है, जिसमें आज (मंगलवार) की महत्वपूर्ण कार्यवाही के लिए सदन में उनकी उपस्थिति अनिवार्य की गई है। लोकसभा में मंगलवार को पेश किए जाने वाले वन नेशन, वन इलेक्शन बिल को पेश किए जाने के लिए पार्टी सांसदों को सूचीबद्ध किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 17 दिसंबर 2024 को सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
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