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नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर PM मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के सांसदों को लिखा पत्र, जानिए क्या कहा?

 Reported By: Devendra Parashar Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Apr 12, 2026 10:13 am IST,  Updated : Apr 12, 2026 10:47 am IST

पीएम मोदी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिख कर कहा कि ये विशेष बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का अवसर है। महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहीं हैं।

पीएम मोदी ने सांसदों को लिखा पत्र- India TV Hindi
पीएम मोदी ने सांसदों को लिखा पत्र Image Source : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को एक पत्र लिखा है। पीएम मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर उनसे समर्थन का आग्रह किया है। पीएम मोदी ने सभी दलों के सांसदों के पत्र में लिखा, '16 अप्रैल से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। ये विशेष बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का अवसर है। ये सबको साथ लेकर चलने की हम सभी की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। इसी भावना और उद्देश्य से मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं।'

पूरी क्षमता और पूरी भागीदारी के साथ जुड़े

पीएम मोदी ने कहा, 'कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है, जब वहां महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। देश ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसकी सिद्धि के लिए आवश्यक है कि इस यात्रा में नारी शक्ति अपनी पूरी क्षमता और पूरी भागीदारी के साथ जुड़े। हम सभी साक्षी हैं कि सार्वजनिक जीवन में हमारी बहनों- बेटियों की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। भारत की बेटियां स्पेस से लेकर स्पोर्ट्स और सशस्त्र बलों से लेकर स्टार्ट-अप्स तक, हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। अपनी बड़ी सोच और पूरे जज्बे के साथ वे कड़ी मेहनत करती हैं और खुद को साबित कर रही हैं।' 

एकजुटता को दिखाने वाला एक अविस्मरणीय अवसर 

इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'देश की संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण की चर्चा दशकों से होती आ रही है। साल 2023 में संसद में सभी दलों के सांसदों ने एक साथ आकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया था। यह हमारी एकजुटता को दिखाने वाला एक अविस्मरणीय अवसर था।'

लोकतंत्र में सामूहिक इच्छाशक्ति से एक बड़ा फैसला 

पीएम ने कहा, 'ऐसा करके हमने देश की नारी शक्ति के प्रति अपने वचन को पूरा किया था। उस समय पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे भारत के लोकतंत्र में सामूहिक इच्छाशक्ति से एक बड़ा फैसला लिया गया। नारी शक्ति हमारी आबादी के करीब आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। इस कदम के द्वारा राजनीति में उनकी ज्यादा से ज्यादा भागीदारी पर हम सबने अपनी सहमति जताई थी। मैं उस दिन को भारत की संसदीय यात्रा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक अवसर के रूप में देखता हूं।' 

राजनीतिक दलों से भी इस बारे में संवाद

सांसदों को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा में संसद के सभी सदस्यों का योगदान रहा था। और जब ये चर्चा चल रही थी, तब उस समय इसे लागू करने के समय पर भी विचार हुआ था। तब सबने सहमति से ये विचार रखा था कि नए कानून के प्रावधान जल्द से जल्द लागू हो जाने चाहिए। सभी दलों के नेताओं ने मुखर होकर इस विचार का समर्थन किया था। पिछले कुछ समय में हमने इस विषय पर जानकारों से विमर्श किया। संविधान की बारीकियों को समझने वाले विशेषज्ञों से हमें सुझाव और मार्गदर्शन मिले। हमने राजनीतिक दलों से भी इस बारे में संवाद किया है।'

पूर्ण भावना के साथ हो लागू

पीएम मोदी ने कहा, 'गहन मंथन के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब समय आ गया है, कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अपनी पूर्ण भावना के साथ देश में लागू हो। यह उचित होगा कि 2029 का लोकसभा चुनाव और सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने के बाद हों। इससे भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और जन-विश्वास गहरा होगा। इसके साथ ही शासन व्यवस्था में सबकी भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।' 

यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर 

उन्होंने आगे कहा, 'मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं, ताकि हम सभी एक स्वर में इस संशोधन को पारित कराने के लिए एकजुट हों। ज्यादा से ज्यादा सांसद इस विषय पर अपने विचार संसद में रखें। यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है। यह नारी शक्ति और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी भी है। हम सभी दल काफी समय से चाहते रहे हैं कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े। इस आकांक्षा को वास्तविकता में बदलने का यही सही समय है।' 

पीएम मोदी ने कहा, 'यह देश की नारी शक्ति की सिद्धि का विषय है, 140 करोड़ देशवासियों की सिद्धि का विषय है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे और संसद में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगे।'

इस अवसर को नहीं है छोड़ना

उन्होंने कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने वाली संसद के सदस्य हमेशा इस बात पर गौरव करेंगे कि उन्होंने इस महान कार्य में अपना योगदान दिया है। इसलिए इस अवसर को हमें छोड़ना नहीं है। नारी शक्ति बंदन अधिनियम में संशोधन को आपका समर्थन देश की माताओं-बहनों और बेटियों के प्रति असीम दायित्वों का निर्वहन होगा।'

अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आइए, हम अपने लोकतंत्र की महान परंपराओं को और जीवंत बनाएं... इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए कदम उठाएं।'

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