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उत्तराखंड: सोमवार को हो सकती है विधायक दल की बैठक, CM की रेस में पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 19, 2022 08:58 pm IST,  Updated : Mar 19, 2022 08:58 pm IST

अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा से चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए पुष्कर सिंह धामी का दावा थोड़ा कमजोर हो गया है लेकिन बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की रेस में अभी भी पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे चल रहे हैं। दरअसल, धामी युवा हैं और राज्य में मिली जीत का श्रेय भी उन्हें दिया जा रहा है।

Pushkar Singh Dhami- India TV Hindi
Pushkar Singh Dhami Image Source : PTI

नई दिल्ली: उत्तराखंड में नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए विधायक दल की बैठक सोमवार को हो सकती है। पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह और मीनाक्षी लेखी की मौजूदगी में उत्तराखंड में चुनाव जीते तमाम भाजपा विधायक सोमवार को अपने नेता का चुनाव करेंगे जो प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। भाजपा के एक नेता ने बताया कि विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी आलाकमान की तरफ से पर्यवेक्षक बनाए गए केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मीनाक्षी लेखी एक दिन पहले यानि रविवार को या फिर उसी दिन सोमवार को देहरादून जा सकते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को विधायक अपने नेता का चयन करेंगे और मंगलवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होगा। 22 मार्च को उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के कई आला नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा से चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए पुष्कर सिंह धामी का दावा थोड़ा कमजोर हो गया है लेकिन बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की रेस में अभी भी पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे चल रहे हैं। दरअसल, धामी युवा हैं और राज्य में मिली जीत का श्रेय भी उन्हें दिया जा रहा है।

अजय भट्ट, सतपाल महाराज, धन सिंह रावत और ऋतु खंडूरी जैसे कई नेताओं की दावेदारी के बीच पुष्कर सिंह धामी कई वजहों से पार्टी आलाकमान के चहेते बने हुए हैं। दरअसल, पिछले 5 वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश में तीन मुख्यमंत्री बदलने वाली भाजपा अब अन्य राज्यों की तरह इस पहाड़ी राज्य में भी स्थायित्व का रिकॉर्ड बनाना चाहती है और ऐसे में पार्टी का एक धड़ा यह तर्क दे रहा है कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नेता बदलना सही नहीं है। धामी का युवा होना भी उनके पक्ष में जा रहा है। तर्क यह भी दिया जा रहा है कि अगर मुख्यमंत्री के चेहरे में बदलाव किया जाता है तो प्रदेश संगठन से लेकर मोदी कैबिनेट तक, कई तरह के बदलाव करने पड़ेंगे।

(इनपुट- एजेंसी)

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