1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. खतौली में नहीं घुस पाए नवनिर्वाचित रालोद विधायक मदन भैया, प्रशासन ने लगाई धारा 144

खतौली में नहीं घुस पाए नवनिर्वाचित रालोद विधायक मदन भैया, प्रशासन ने लगाई धारा 144

 Published : Dec 10, 2022 07:03 pm IST,  Updated : Dec 10, 2022 07:04 pm IST

यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित रालोद के विधायक मदन भैया को जिला प्रशासन ने खतौली जाने से रोक दिया।

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के विधायक मदन भैया- India TV Hindi
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के विधायक मदन भैया Image Source : FILE PHOTO

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के विधायक मदन भैया को जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर शनिवार को खतौली जाने से रोक दिया। रालोद विधायक ने इस घटना को "लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए कहा कि वह इसके बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखेंगे और उनकी पार्टी अगले विधानसभा सत्र में इस मामले को उठाएगी। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मदन भैया के काफिले को सुबह भंगेला चेक पोस्ट पर रोक दिया गया। 

शांति भंग होने के अंदेशा के चलते काफिले रोका गया

खतौली के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) जीत सिंह ने मीडिया को बताया कि जिले में निषेधाज्ञा लागू है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मदन भैया को जनसभा में भाग लेने के लिए खतौली जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। एसडीएम ने कहा, ''बैठक में विधायक समर्थकों के भारी संख्या में जमा होने के कारण शांति भंग के अंदेशा में उनके काफिले को रोका गया।'' उन्होंने आगे कहा कि न तो मदन भैया और न ही उनके किसी प्रतिनिधि ने स्थानीय प्रशासन से खतौली में सभा आयोजित करने की पहले से अनुमति मांगी थी और वे लगभग 100 लोगों के साथ दो दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले में वहां जा रहे थे। 

मदन भैया ने बीजेपी कैंडिडेट को 22 हजार वोटों से हराया
हाल ही में खतौली विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मदन भैया ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार राजकुमारी सैनी को 22,000 से अधिक मतों से हराया था। राजकुमारी सैनी खतौली क्षेत्र में अयोग्‍य घोषित किये गये भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह सैनी की पत्‍नी हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में विक्रम सैनी खतौली से निर्वाचित हुए थे लेकिन 2013 के मुजफ्फरनगर के दंगों से जुड़े एक मामले में विक्रम सैनी को सांसद-विधायक अदालत द्वारा दोषसिद्ध करार देकर दो साल की सजा सुनाये जाने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित किया गया था। उनकी सदस्यता रद्द होने पर रिक्त हुई खतौली सीट पर उप चुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान और आठ दिसंबर को मतगणना हुई थी, जिसमें समाजवादी पार्टी समर्थित रालोद उम्मीदवार मदन भैया चुनाव जीत गये। 

"मेरी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी"
मदन भैया ने मीडिया को बताया कि उपचुनाव के नतीजे आने के बाद वह पहली बार खतौली जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं खतौली के लोगों से मिलने और धन्यवाद देने के लिए जा रहा था, जिन्होंने मुझे अपना वोट दिया और मुझे चुना।" रालोद विधायक ने कहा, "जिस तरह से स्थानीय प्रशासन ने मुझे रोका वह लोकतंत्र की हत्या है। यह पहली बार है कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि को अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने से रोका जा रहा है।" उन्होंने मुजफ्फरनगर से स्थानीय भाजपा सांसद और केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री संजीव बालियान का बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा, ''स्थानीय प्रशासन उनके इशारे पर काम कर रहा है।'' मदन भैया ने कहा, "मुझे मुजफ्फरनगर के एक निर्वाचित प्रतिनिधि के निर्देश पर रोका गया था न कि लखनऊ के निर्देश पर। मैं इसके बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखूंगा और मेरी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी।" 

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत